Kashi Vishwanath : दक्षिण और उत्तर भारत का महामिलन IRCTC की भारत गौरव ट्रेन से करें काशी से रामेश्वरम तक की दिव्य यात्रा

News India Live, Digital Desk: भारतीय रेलवे की पर्यटन शाखा, IRCTC ने देश के सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को जोड़ने के लिए एक बेहद खास पहल की है। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करते हुए ‘भारत गौरव’ (Bharat Gaurav Tourist Train) टूरिस्ट ट्रेन अब उत्तर भारत के शिवधाम वाराणसी को दक्षिण भारत के रामेश्वरम और अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों से जोड़ने जा रही है। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी उत्तर और दक्षिण भारत के बीच एक मजबूत कड़ी साबित हो रही है।शानदार सुविधाएं और किफायती पैकेजIRCTC की इस विशेष ट्रेन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है ताकि यात्रियों को लंबी दूरी के सफर में कोई परेशानी न हो।ऑल-इनक्लूसिव सर्विस: इस ट्रेन के पैकेज में न केवल ट्रेन की टिकट, बल्कि शाकाहारी भोजन, होटलों में ठहरने की व्यवस्था, और दर्शनीय स्थलों तक जाने के लिए बस की सुविधा भी शामिल है।सुरक्षा और मनोरंजन: ट्रेन में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों और गार्ड्स की तैनाती की गई है। साथ ही यात्रियों के मनोरंजन के लिए इन्फोटेनमेंट सिस्टम की भी व्यवस्था है।इन प्रमुख तीर्थ स्थलों के होंगे दर्शनभारत गौरव ट्रेन के इस विशेष रूट में उत्तर से लेकर दक्षिण तक के कई ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थलों को शामिल किया गया है:काशी (वाराणसी): बाबा विश्वनाथ की नगरी से यात्रा की शुरुआत या मुख्य पड़ाव।रामेश्वरम: दक्षिण का प्रसिद्ध धाम जहां भगवान राम ने शिवलिंग की स्थापना की थी।मदुरै: विश्व प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर के दर्शन।कन्याकुमारी: भारत का अंतिम छोर और समुद्र संगम।तिरुपति बालाजी: भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद लेने का मौका।पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावाइस ट्रेन का मुख्य उद्देश्य देश के लोगों को अपनी विरासत से रूबरू कराना है। अक्सर दक्षिण भारत के लोग उत्तर भारत की गंगा आरती और काशी की गलियों को देखना चाहते हैं, वहीं उत्तर भारतीय लोग दक्षिण के भव्य द्रविड़ वास्तुकला वाले मंदिरों के दर्शन के इच्छुक रहते हैं। भारत गौरव ट्रेन ने इस दूरी को न केवल कम किया है, बल्कि इसे बेहद सुलभ और सुरक्षित भी बना दिया है। IRCTC के अधिकारियों का कहना है कि इस ट्रेन की बुकिंग शुरू होते ही भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।