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Kashmir Security Alert: कुलगाम और अनंतनाग आतंकी घटनाओं के बाद पूरे कश्मीर में हाई अलर्ट

विशेष रिपोर्टर, श्रीनगर: दक्षिण कश्मीर के कुलगाम और अनंतनाग जिलों में हाल ही में हुए आतंकी हमलों और संदिग्ध गतिविधियों के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई हैं। कानून-व्यवस्था और घाटी की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के तुरंत बाद पूरे कश्मीर घाटी में 'रेड अलर्ट' जारी करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना दिया गया है। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम, अनंतनाग, पुलवामा और शोपियां से लेकर मध्य व उत्तर कश्मीर के संवेदनशील इलाकों तक सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

आईजीपी ने सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि आतंकवादियों और उनके मददगारों (Over Ground Workers – OGWs) के खिलाफ बिना किसी ढील के सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य ध्यान आतंकवादियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने और किसी भी संभावित बड़ी अप्रिय घटना को समय रहते विफल करने पर केंद्रित है।

कुलगाम और अनंतनाग में क्या हुआ? सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन और रणनीतिक बदलाव

दक्षिण कश्मीर का क्षेत्र पिछले कुछ दिनों से सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बना हुआ है। कुलगाम और अनंतनाग के दूरदराज और जंगलों से सटे इलाकों में आतंकवादियों की मौजूदगी और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के प्रयासों के बाद भारतीय सेना के राष्ट्रीय राइफल्स (RR), पैरा कमांडो और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) ने व्यापक स्तर पर संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO – Cordon and Search Operation) शुरू किया है।

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, आतंकवादी जंगलों और ऊपरी इलाकों (High Reaches) का फायदा उठाकर छिपने की रणनीति अपना रहे हैं। इसके जवाब में सुरक्षा बलों ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए जंगलों के प्रवेश और निकास द्वारों को पूरी तरह से सील कर दिया है। घने जंगलों, प्राकृतिक गुफाओं और संदिग्ध ठिकानों की निगरानी के लिए अत्याधुनिक ड्रोन, थर्मल इमेजर और हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। सुरक्षा तंत्र का मानना है कि त्वरित और सटीक खुफिया इनपुट के आधार पर किए जा रहे ये ऑपरेशन आतंकियों के मंसूबों को पूरी तरह ध्वस्त कर देंगे।

IGP का सख्त फरमान: नाकेबंदी, नाइट पेट्रोलिंग और 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर जोर

सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान IGP कश्मीर ने पुलिस अधीक्षकों (SSPs) और रेंज डीआईजी को जमीनी स्तर पर सुरक्षा ग्रिड (Security Grid) को पुनर्गठित करने के निर्देश दिए हैं। आईजीपी के आदेश के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • 24×7 नाकेबंदी और चेकिंग: श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) के साथ-साथ सभी अंतर-जिला और संपर्क मार्गों पर मल्टी-लेयर नाके स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक वाहन की गहन जांच और यात्रियों के पहचान पत्रों का सत्यापन किया जा रहा है।

  • रात की गश्त (Night Patrols): संवेदनशील बस्तियों, राजमार्गों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के पास रात की गश्त और 'सरप्राइज चेकिंग' को दोगुना कर दिया गया है ताकि आतंकियों को किसी भी प्रकार की आवाजाही का अवसर न मिले।

  • ओजीडब्ल्यू (OGW) नेटवर्क पर प्रहार: आतंकवादियों को लॉजिस्टिकल सहायता, भोजन, ठिकाना और रेकी प्रदान करने वाले ओवर ग्राउंड वर्कर्स के नेटवर्क को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई (PSA और UAPA के तहत) करने के आदेश दिए गए हैं।

  • सुरक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा: सभी पुलिस थानों, सुरक्षा बलों के शिविरों और सरकारी प्रतिष्ठानों की परिधि सुरक्षा (Perimeter Security) को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त संतरी और आधुनिक निगरानी उपकरण लगाए गए हैं।

अमरनाथ यात्रा, पर्यटकों और स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा का मजबूत ढांचा

कश्मीर घाटी में इस समय पवित्र श्री अमरनाथ जी यात्रा के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की भारी भीड़ मौजूद है। इसके अलावा, आगामी स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के समारोहों को ध्यान में रखते हुए भी सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सुरक्षा अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय (Three-Tier) सुरक्षा चक्र तैनात किया गया है।

अमरनाथ यात्रा मार्ग, तीर्थयात्रियों के शिविरों (Base Camps) और प्रमुख पर्यटक स्थलों जैसे गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और डल झील के आसपास एंटी-ड्रोन सिस्टम और स्पेशल एक्शन टीमों को तैनात किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर 'ड्रोन सर्विलांस' और 'स्मार्ट सीसीटीवी कैमरों' के जरिए हर एक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी सुरक्षा की अतिरिक्त परतें जोड़ी गई हैं।

खुफिया इनपुट और स्थानीय सहयोग: आतंक मुक्त कश्मीर की ओर बढ़ता कदम

आतंकवाद विरोधी अभियानों की सफलता में स्थानीय खुफिया तंत्र (Human Intelligence) और तकनीकी इनपुट (Technical Intelligence) का तालमेल सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि नियंत्रण रेखा (LoC) पार से बैठे आतंकी आका घाटी में शांति और सौहार्द के माहौल को बिगाड़ने के लिए हताशा में छोटी-अलग-थलग घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, लावारिस वस्तु या असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या सुरक्षा हेल्पलाइन पर दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। स्थानीय जनता द्वारा सुरक्षा बलों को मिल रहा सहयोग इस बात का प्रमाण है कि घाटी के लोग हिंसा के दौर से बाहर निकलकर स्थायी शांति, विकास और समृद्धि के पक्षधर हैं।

सुरक्षा बलों के कड़े रुख और समन्वित रणनीति से यह साफ है कि कश्मीर में आतंकवाद के बचे-कुचे तत्वों का खात्मा करने के लिए अभियान और तेज किया जाएगा। प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और घाटी में अमन-चैन बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

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