Kidney Damage Causes: आपकी ये 5 आदतें चुपचाप किडनी को कर रही हैं बेकार, डॉक्टरों ने दी सख्त चेतावनी, जानें शुरुआती लक्षण और बचाव के आसान उपाय

हमारे शरीर में किडनी (गुर्दा) एक साइलेंट फिल्टर की तरह काम करती है, जो दिन-रात खून को साफ करके विषाक्त पदार्थों (Toxins) और अतिरिक्त पानी को यूरिन के रास्ते बाहर निकालती है। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खान-पान और अनजाने में की जाने वाली कुछ दैनिक गलतियों के कारण किडनी की बीमारियां बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नेफ्रोलॉजिस्ट (Kidney Specialists) के अनुसार, किडनी की सबसे खतरनाक बात यह है कि यह 70 से 80 प्रतिशत तक खराब होने के बाद भी स्पष्ट संकेत नहीं देती। यही वजह है कि इसे 'साइलेंट किलर' कहा जाता है। अक्सर जब लोगों को समस्या का अहसास होता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है। डॉक्टरों का कहना है कि हमारी रोजमर्रा की 5 आम आदतें किडनी को धीरे-धीरे छलनी कर रही हैं।
किडनी खराब होने के शुरुआती लक्षण और चेतावनी संकेत
किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं, जिन्हें अक्सर लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, यदि समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए तो किडनी को फेलियर के खतरे से बचाया जा सकता है। शुरुआती लक्षणों में पैरों, टखनों और आंखों के नीचे सूजन आना (Edema) सबसे प्रमुख है, क्योंकि जब किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी बाहर नहीं निकाल पाती तो वह पानी टिश्यू में जमने लगता है। इसके अलावा अचानक बहुत कम या बहुत ज्यादा बार यूरिन आना, यूरिन में झाग (Foam) बनना या खून आना, हर समय अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना, भूख कम लगना, जी मिचलाना और त्वचा में लगातार तेज खुजली होना भी किडनी में खराबी के स्पष्ट संकेत हैं। खून में टॉक्सिन्स बढ़ने के कारण मुंह से बदबू आना और सांस लेने में तकलीफ होना भी गंभीर अवस्था को दर्शाता है।
डॉक्टर की चेतावनी: आपकी ये 5 दैनिक गलतियां जो किडनी को कर रही हैं बेकार
नेफ्रोलॉजिस्ट की मानें तो किडनी खराब होने के पीछे कोई एक वजह नहीं होती, बल्कि हमारी रोजमर्रा की कई छोटी-छोटी गलतियां मिलकर किडनी के नेफ्रॉन्स (फिल्टर यूनिट्स) को नष्ट कर देती हैं। यदि आप अपनी किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो इन 5 गलतियों को तुरंत सुधारना बेहद जरूरी है:
1. बहुत कम पानी पीना (Dehydration)
किडनी का मुख्य काम शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालना है, और इस काम के लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। जब आप कम पानी पीते हैं, तो शरीर में यूरिक एसिड और टॉक्सिन्स जमने लगते हैं। इससे न केवल किडनी स्टोन (पथरी) का खतरा बढ़ता है, बल्कि किडनी की खून को साफ करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। हालांकि, अत्यधिक पानी पीना भी सही नहीं है, लेकिन एक स्वस्थ वयस्क को रोजाना कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए।
2. पेनकिल्स का अंधाधुंध और लगातार इस्तेमाल
हल्के सिरदर्द, बदन दर्द या जोड़ों के दर्द में बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से पेनकिलर (Painkillers/NSAIDs) खरीदकर खा लेना बहुत खतरनाक आदत है। इबुप्रोफेन, डाइक्लोफेनेक और पैरासिटामोल जैसी दवाओं का अत्यधिक या लंबे समय तक सेवन किडनी के ब्लड फ्लो को कम कर देता है। डॉक्टरों की चेतावनी है कि खुद से दवा लेने (Self-Medication) की यह आदत धीरे-धीरे एक्यूट या क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का कारण बन जाती है।
3. यूरिन (पेशाब) को ज्यादा देर तक रोके रखना
काम की व्यस्तता या आलस के कारण अगर आप भी यूरिन को लंबे समय तक रोककर रखते हैं, तो यह सीधे आपकी किडनी पर दबाव डालता है। यूरिन रोकने से मूत्राशय (Bladder) में बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जिससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) हो जाता है। जब यह इंफेक्शन ऊपर की ओर बढ़ता है, तो यह किडनी इंफेक्शन (Pyelonephritis) का रूप ले लेता है, जिससे किडनी के सेल्स हमेशा के लिए डैमेज हो सकते हैं।
4. डाइट में अत्यधिक नमक और चीनी का सेवन
जरूरत से ज्यादा नमक (Sodium) खाने से शरीर में वाटर रिटेंशन बढ़ता है और ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है। हाई ब्लड प्रेशर किडनी की महीन रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। ठीक इसी तरह, भोजन में बहुत ज्यादा चीनी या मीठी चीजों का सेवन करने से डायबिटीज और मोटापे का खतरा बढ़ता है। दुनिया भर में किडनी फेलियर का सबसे पहला और बड़ा कारण अनियंत्रित डायबिटीज (Diabetic Nephropathy) ही है।
5. नींद की कमी, स्मोकिंग और अत्यधिक शराब का सेवन
सोते समय हमारी किडनी के टिश्यू अपने आप को रिपेयर और रीजनरेट करते हैं। जब आप रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद नहीं लेते हैं, तो किडनी का रिपेयरिंग फंक्शन प्रभावित होता है। इसके अलावा, स्मोकिंग (धूम्रपान) करने से किडनी में खून का प्रवाह धीमा पड़ जाता है, और अत्यधिक शराब पीने से शरीर डिहाइड्रेट होकर किडनी पर काम का बोझ बढ़ा देता है।
किडनी को स्वस्थ और सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये जरूरी नियम
किडनी को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए अपनी लाइफस्टाइल में छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव करना जरूरी है। सबसे पहले अपने ब्लड प्रेशर (120/80 mmHg) और ब्लड शुगर लेवल को पूरी तरह नियंत्रण में रखें। अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, नारियल पानी और कम नमक वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें। रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या हल्की कसरत जरूर करें। यदि आपकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है या परिवार में किसी को डायबिटीज या बीपी की समस्या रही है, तो साल में कम से कम एक बार किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT), क्रिएटिनिन (Creatinine) और यूरिन रूटीन टेस्ट जरूर करवाएं।
समय पर दी गई सही जानकारी और सुधरी हुई जीवनशैली आपकी किडनी को जीवनभर दुरुस्त रख सकती है। यदि आपको अपने शरीर में कोई भी अस्वाभाविक बदलाव दिखे, तो घरेलू उपायों के चक्कर में न पड़कर तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लें।