भारत खरीदेगा 288 S-400 मिसाइलें ऑपरेशन सिंदूर में जिसने उड़ाए थे पाकिस्तान के होश, अब फिर बनेगा काल

News India Live, Digital Desk: भारतीय रक्षा मंत्रालय ने देश की हवाई सुरक्षा (Air Defence) को अभेद्य बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने रूस से 288 S-400 मिसाइलों की खरीद को हरी झंडी दे दी है। ₹10,000 करोड़ की यह डील इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इन्हीं मिसाइलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तानी वायुसेना की कमर तोड़ दी थी।1. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (मई 2025) क्या था?अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस संघर्ष के दौरान S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने अपनी मारक क्षमता का लोहा मनवाया:ऐतिहासिक हवाई मार: भारत ने S-400 का उपयोग करके 314 किमी दूर पाकिस्तान के भीतर एक बड़े विमान (Wide-bodied aircraft) को मार गिराया, जो सैन्य इतिहास में अब तक की सबसे लंबी दूरी की हवाई मार मानी जा रही है।पाकिस्तान का डर: S-400 के खौफ से पाकिस्तान ने अपने लड़ाकू विमानों को सीमा से हटाकर ईरान और अफगानिस्तान की सीमाओं के पास सुरक्षित ठिकानों पर भेज दिया था।मिसाइल भंडार की कमी: इस ऑपरेशन के दौरान बड़े पैमाने पर मिसाइलें दागी गईं, जिससे मौजूदा स्टॉक कम हो गया था। अब इसी भंडार को भरने के लिए नई डील की गई है।2. डील की मुख्य बातें और ‘फास्ट ट्रैक’ प्रक्रियाभारत इस डील के तहत रूस से दो तरह की मिसाइलें प्राप्त करेगा:लॉन्ग रेंज: 168 लंबी दूरी की मिसाइलें (रेंज 400 किमी तक)।शॉर्ट रेंज: 120 छोटी दूरी की मिसाइलें।यह खरीद फास्ट ट्रैक प्रोसीजर (FTP) के तहत की जा रही है ताकि डिलीवरी जल्द से जल्द सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, भारत को पहले से अनुबंधित दो और S-400 स्क्वाड्रन इसी साल जून और नवंबर 2026 में मिलने वाले हैं।3. एयर डिफेंस की ‘डबल लेयर’ सुरक्षाभारतीय वायुसेना अब रूसी Pantsir (पैंटसिर) शॉर्ट-रेंज सिस्टम खरीदने पर भी विचार कर रही है।रणनीति: S-400 लंबी दूरी के खतरों को रोकेगा, जबकि पैंटसिर ड्रोन्स और छोटे हवाई हमलों (Kamikaze Drones) को नेस्तनाबूद करेगा। ये दोनों सिस्टम मिलकर भारत के आसमान को पूरी तरह सुरक्षित बनाएंगे।4. ₹3.60 लाख करोड़ की मेगा मंजूरीS-400 के अलावा, DAC ने कुल ₹3.60 लाख करोड़ के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिसमें:114 राफेल फाइटर जेट्स: ‘मदर ऑफ ऑल डिफेंस डील्स’ के तहत नए लड़ाकू विमानों की खरीद।P-8I टोही विमान: नौसेना के लिए निगरानी विमानों की मंजूरी।T-72 और BMP-II: सेना के टैंकों और लड़ाकू वाहनों का ओवरहाल।