Maharashtra Politics 2026 : सुनेत्रा पवार बनीं महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी CM ,अजित दादा के निधन के बाद संभाली विरासत

News India Live, Digital Desk: महाराष्ट्र की राजनीति के एक युग का अंत और एक नई शुरुआत आज 31 जनवरी 2026 को देखने को मिली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन के तीन दिन बाद, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने राज्य की नई उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है।1. अजित पवार: एक दुखद विदाई (28 जनवरी 2026)महाराष्ट्र के ‘दादा’ कहे जाने वाले अजित पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती में एक विमान हादसे (Learjet 45 crash) में निधन हो गया था।हादसा: वे मुंबई से बारामती जा रहे थे, जब लैंडिंग के दौरान खराब दृश्यता (Low Visibility) के कारण विमान क्रैश हो गया।अंतिम विदाई: 29 जनवरी को बारामती में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और शरद पवार समेत कई बड़े नेता शामिल हुए।2. सुनेत्रा पवार का ऐतिहासिक शपथ ग्रहणएनसीपी विधायक दल की बैठक के बाद सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को नेता चुना गया।शपथ: आज शाम 5:00 बजे राजभवन में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।विशेष उपलब्धि: सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनी हैं।पोर्टफोलियो: वे उन विभागों (जैसे आबकारी और खेल) का कार्यभार संभालेंगी जो पहले उनके पति के पास थे।3. एनसीपी का भविष्य और विलय की आहटअजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में ‘पवार परिवार’ के फिर से एक होने की चर्चाएं तेज हैं:राजनीतिक घटनाक्रमवर्तमान स्थितिपार्टी नेतृत्वसुनेत्रा पवार अब एनसीपी (अजित गुट) का चेहरा होंगी।पुनर्मिलन (Reunion)शरद पवार और सुप्रिया सुले की मौजूदगी में दोनों गुटों के विलय की अटकलें लगाई जा रही हैं।फरवरी चुनावपुणे जिला परिषद और बारामती उपचुनाव में पार्टी की साख दांव पर होगी।4. जांच और अपडेट्सनागर विमानन मंत्रालय (MoCA) और CID इस विमान हादसे की जांच कर रहे हैं। विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और शुरुआती जांच में इसे तकनीकी खराबी के बजाय मौसम की खराबी का परिणाम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया है कि जांच पारदर्शी और समयबद्ध होगी।क्या ‘दादा’ की विरासत को सुनेत्रा दे पाएंगी नई दिशा?सुनेत्रा पवार हमेशा से पर्दे के पीछे रहकर बारामती के विकास और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही हैं। अब उनके सामने न केवल पार्टी को एकजुट रखने की चुनौती है, बल्कि आगामी चुनावों में ‘महायुति’ गठबंधन के भीतर अपनी ताकत साबित करने की भी जिम्मेदारी है।