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MBBS परीक्षा में चीटिंग का बड़ा खेल, एक ईमेल ने खोला धांधली का राज, पटना के इस बड़े कॉलेज में मची खलबली

News India Live, Digital Desk: बिहार की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं। पटना के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में चल रही एमबीबीएस (MBBS) की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और चोरी का मामला सामने आया है। इस पूरे घोटाले का खुलासा तब हुआ जब एक अज्ञात व्यक्ति ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ईमेल भेजकर परीक्षा में हो रही ‘चीटिंग’ की पोल खोल दी। इस खुलासे के बाद मेडिकल छात्रों और अभिभावकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।एक गुप्त ईमेल और उड़ गई सबकी नींदमामले की शुरुआत तब हुई जब आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय को एक गोपनीय ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल में विस्तार से बताया गया था कि कैसे IGIMS के परीक्षा हॉल में सीसीटीवी कैमरों की नजर से बचकर छात्र मोबाइल और अन्य गैजेट्स का उपयोग कर रहे हैं। शुरुआत में इसे किसी की शरारत माना जा रहा था, लेकिन जब विश्वविद्यालय की टीम ने औचक निरीक्षण किया, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए।जांच में खुली पोल: परीक्षा केंद्र पर मिलीं अनियमितताएंविश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच टीम जब बिना किसी पूर्व सूचना के IGIMS पहुंची, तो ईमेल में किए गए दावों की पुष्टि होने लगी। जांच के दौरान पाया गया कि परीक्षा हॉल में सिटिंग अरेंजमेंट से लेकर निगरानी तक के नियमों को ताक पर रखा गया था। कुछ छात्रों के पास से संदिग्ध सामग्री बरामद होने की भी खबरें हैं। प्रशासन अब उन ‘इनविजिलेटर्स’ और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रहा है, जिनकी नाक के नीचे यह सब चल रहा था।छात्रों के भविष्य पर मंडराया संकटइस खुलासे के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह परीक्षा रद्द की जाएगी? विश्वविद्यालय सूत्रों का कहना है कि वे इस मामले में बेहद सख्त रुख अपना रहे हैं। यदि धांधली के सबूत पुख्ता पाए जाते हैं, तो न केवल संबंधित विषयों की परीक्षा दोबारा कराई जा सकती है, बल्कि दोषी पाए जाने वाले छात्रों को डिबार (Debar) भी किया जा सकता है। यह घटना उन ईमानदार छात्रों के लिए बड़ा झटका है जो दिन-रात मेहनत कर डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं।

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