Microsoft का बड़ा U-Turn काम की चीज बताने वाला Copilot अब सिर्फ मनोरंजन का साधन? यूजर्स के बीच मची खलबली

News India Live, Digital Desk: दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने अपने पॉपुलर एआई टूल ‘को-पायलट’ (Copilot) को लेकर एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने पूरी टेक इंडस्ट्री को चौंका दिया है। अब तक जिसे एक शक्तिशाली ‘Productivity Tool’ और ‘AI Companion’ के रूप में प्रमोट किया जा रहा था, उसे कंपनी ने अब आधिकारिक तौर पर केवल ‘मनोरंजन’ (Entertainment Purposes Only) का जरिया घोषित कर दिया है। माइक्रोसॉफ्ट के ‘नियम और शर्तों’ (Terms of Use) में गुपचुप तरीके से किए गए इस बदलाव ने उन यूजर्स के बीच चिंता पैदा कर दी है जो ऑफिस के कामों के लिए पूरी तरह एआई पर निर्भर हो रहे थे।मार्केटिंग में ‘को-वर्कर’, पर शर्तों में ‘सिर्फ मनोरंजन’हैरानी की बात यह है कि माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले एक साल में अरबों डॉलर खर्च करके को-पायलट को विंडोज 11, वर्ड, एक्सेल और पावरपॉइंट जैसे टूल्स में फिट किया है। विज्ञापनों में इसे एक ऐसे ‘स्मार्ट साथी’ के रूप में पेश किया गया जो आपके ऑफिस के कठिन काम मिनटों में कर सकता है। लेकिन अब कंपनी की नई गाइडलाइन कहती है कि को-पायलट गलतियां कर सकता है और यह जैसा आप चाहते हैं, वैसा काम नहीं भी कर सकता है। कंपनी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि इसे “महत्वपूर्ण सलाह” के लिए इस्तेमाल न करें और इसका उपयोग “अपने जोखिम” पर करें।आखिर क्यों लेना पड़ा यह बड़ा यू-टर्न?विशेषज्ञों का मानना है कि माइक्रोसॉफ्ट ने यह कदम कानूनी पचड़ों से बचने के लिए उठाया है। दरअसल, एआई मॉडल्स अक्सर ‘हैलुसिनेशन’ (Hallucinations) का शिकार होते हैं, यानी वे कई बार गलत जानकारी को भी बिल्कुल सच की तरह पेश कर देते हैं। अगर कोई यूजर को-पायलट द्वारा दी गई गलत जानकारी के आधार पर कोई बड़ा बिजनेस फैसला लेता है और उसे नुकसान होता है, तो वह कंपनी पर दावा कर सकता है। ‘सिर्फ मनोरंजन’ का लेबल लगाकर माइक्रोसॉफ्ट ने खुद को ऐसे किसी भी कानूनी दावे से सुरक्षित कर लिया है।क्या अब ऑफिस के काम के लिए नहीं होगा इस्तेमाल?इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप को-पायलट का इस्तेमाल बंद कर दें। माइक्रोसॉफ्ट अभी भी इसे एक प्रोडक्टिविटी टूल के रूप में बेचना जारी रखेगा। हालांकि, यह बदलाव मुख्य रूप से कंज्यूमर (Individual) वर्जन के लिए है। कंपनी चाहती है कि यूजर्स एआई द्वारा दी गई जानकारी को आंख मूंदकर सच न मानें और किसी भी महत्वपूर्ण काम से पहले उसे खुद जरूर ‘क्रॉस-चेक’ करें। यानी, अब एआई सिर्फ आपकी मदद करेगा, लेकिन आखिरी फैसला और जिम्मेदारी आपकी ही होगी।यूजर्स के बीच क्यों है नाराजगी?इंटरनेट पर यूजर्स इस बात को लेकर माइक्रोसॉफ्ट को ट्रोल कर रहे हैं कि जिस सर्विस के लिए वे ‘प्रो’ सब्सक्रिप्शन के नाम पर मोटी रकम चुका रहे हैं, उसे कंपनी खुद “मनोरंजन मात्र” बता रही है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर यह सिर्फ मनोरंजन के लिए है, तो इसे प्रोफेशनल वर्कस्पेस और एक्सेल जैसी फाइलों के बीच क्यों जोड़ा गया है? इस ‘U-turn’ ने एआई की विश्वसनीयता पर एक बार फिर से बहस छेड़ दी है।