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MP Board Result 2026 : कम नंबर आए या हुए फेल तो न हों परेशान, रुक जाना नही योजना और ग्रेस मार्क्स बचाएंगे आपका साल

News India Live, Digital Desk: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित किए जाने के बाद अब उन छात्रों के बीच हलचल है जिनके अंक उम्मीद से कम आए हैं या जो एक-दो विषयों में सफल नहीं हो सके हैं। बोर्ड ने साफ किया है कि रिजल्ट कम रहने पर छात्रों को निराश होने की जरूरत नहीं है। मध्य प्रदेश सरकार की ‘रुक जाना नहीं’ योजना और बोर्ड के ‘ग्रेस मार्क्स’ नियम ऐसे छात्रों के लिए संकटमोचन साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं क्या है एमपी बोर्ड का मार्किंग फॉर्मूला और फेल होने की स्थिति में आपके पास क्या विकल्प हैं।ग्रेस मार्क्स का गणित: ऐसे पास करता है बोर्डएमपी बोर्ड के नियमों के अनुसार, यदि कोई छात्र किसी एक विषय में पासिंग मार्क्स से कुछ ही अंकों से पीछे रह जाता है, तो बोर्ड उसे ‘ग्रेस मार्क्स’ (कृपांक) देकर सफल घोषित कर देता है। आम तौर पर 5 अंकों तक का ग्रेस दिया जा सकता है। यह नियम उन छात्रों के लिए संजीवनी है जो सिर्फ 1 या 2 नंबरों से फेल हो रहे होते हैं। हालांकि, यह लाभ केवल एक या दो विषयों तक ही सीमित होता है और इसकी जानकारी छात्र की मार्कशीट में दर्ज की जाती है।’रुक जाना नहीं’ योजना: साल बचाने का सुनहरा मौकाजो छात्र दो से अधिक विषयों में फेल हो जाते हैं, उनके लिए मध्य प्रदेश सरकार की ‘रुक जाना नहीं’ योजना सबसे बड़ा सहारा है। इस योजना के तहत फेल हुए छात्र दोबारा परीक्षा देकर उसी शैक्षणिक सत्र में आगे बढ़ सकते हैं।किसे मिलेगा मौका: वे छात्र जो मुख्य परीक्षा में फेल हो गए हैं।फायदा: आपको साल बर्बाद करने की जरूरत नहीं पड़ती। इस परीक्षा में पास होने पर आप कॉलेज या अगली कक्षा में प्रवेश ले सकते हैं।आवेदन: रिजल्ट जारी होने के बाद आधिकारिक पोर्टल पर इसके लिए फॉर्म भरे जाते हैं।’बेस्ट ऑफ फाइव’ का फायदा और सप्लीमेंट्री का विकल्प10वीं के छात्रों के लिए ‘बेस्ट ऑफ फाइव’ पद्धति लागू रहती है, जिसमें 6 में से मुख्य 5 विषयों के अंकों के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाता है। यदि आप एक विषय में फेल भी हैं और बाकी 5 में पास हैं, तो आपको पास माना जाएगा। वहीं, 12वीं के छात्रों के लिए यदि वे एक विषय में फेल हैं, तो उन्हें ‘सप्लीमेंट्री’ (पूरक परीक्षा) देने का मौका मिलता है। इसके लिए बोर्ड रिजल्ट के तुरंत बाद नोटिफिकेशन जारी करता है।कॉपियों की दोबारा जांच (Re-checking) और स्क्रूटनीअगर आपको लगता है कि आपके अंक आपकी मेहनत के अनुरूप नहीं हैं, तो आप ‘री-चेकिंग’ या ‘री-वैल्यूएशन’ के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए प्रति विषय एक निर्धारित शुल्क देना होता है। बोर्ड आपकी उत्तर पुस्तिकाओं के अंकों की दोबारा गणना करता है और यदि कोई गलती पाई जाती है, तो आपके नंबर बढ़ा दिए जाते हैं।

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