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NEET Paper Leak Case: संजीव मुखिया को CBI से बड़ी राहत, जानिए जांच एजेंसी ने क्लीन चिट पर क्या कहा?

NEET-UG 2024 परीक्षा विवाद में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले के प्रमुख संदिग्ध माने जा रहे संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया को पूरी तरह से क्लीन चिट दे दी है। जांच एजेंसी का स्पष्ट कहना है कि महीनों चली गहन पड़ताल के बाद भी संजीव मुखिया के खिलाफ पेपर चोरी या उसे बांटने की साजिश में शामिल होने का एक भी ठोस सबूत नहीं मिला है। CBI ने सोशल मीडिया पर चल रही उन तमाम अफवाहों को भी खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि आरोपी को जानबूझकर बचाया जा रहा है।

शुरुआती FIR में क्यों जुड़ा था संजीव मुखिया का नाम?

मामले की शुरुआत में बिहार पुलिस ने प्रश्नपत्र चोरी की प्राथमिक दर्ज की थी। संजीव मुखिया का अतीत में कुछ अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में नाम आ चुका था, इसी संदेह के आधार पर पुलिस ने NEET-UG की शुरुआती FIR में उसका नाम भी शामिल कर लिया था। बाद में जब जांच CBI को सौंपी गई, तो एजेंसी ने पूरे रैकेट, प्रश्नपत्र चोरी करने वालों और इससे फायदा उठाने वाले गिरोह की गहराई से तफ्तीश की।

जांच की मुख्य बात: CBI अब तक इस पूरे मामले में पटना की विशेष अदालत में 45 आरोपियों के खिलाफ कई चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, लेकिन इनमें संजीव मुखिया का नाम शामिल नहीं है।

रिमांड पर पूछताछ और सीबीआई का आधिकारिक रुख

फरारी के दौरान बिहार पुलिस द्वारा अन्य मामलों में गिरफ्तार किए जाने के बाद CBI ने संजीव मुखिया को पुलिस रिमांड पर लिया था। घंटों की पूछताछ, कॉल डिटेल्स की जांच और तकनीकी साक्ष्यों को खंगालने के बाद भी एजेंसी को उसके खिलाफ कोई आपराधिक लिंक नहीं मिला। CBI के अनुसार, NEET मामले में जमानत मिलने के बाद भी वह बिहार पुलिस के अन्य मुकदमों के कारण न्यायिक हिरासत में ही रहा। एजेंसी ने साफ किया कि पूरी साजिश का पर्दाफाश हो चुका है और मुख्य अपराधियों पर कार्रवाई की जा चुकी है, इसलिए संजीव मुखिया को बचाने का दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

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