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क्या आप भी अपने बच्चे को बना रहे हैं ‘चलता-फिरता प्याज’? सर्दियों में इन 4 गलतियों से बच्चे की सेहत बिगड़ सकती है

मम्मी की एक्स्ट्रा केयर:सर्दियां आते ही हर माँ-बाप का’प्रोटेक्टिव मोड’ऑन हो जाता है। सुबह की ठंड हो या रात की हवा,हमारी सारी कोशिश यही रहती है कि बच्चे को रत्ती भर भी ठंड न लग जाए। और इसी प्यार और चिंता में हम अक्सर’अति’कर देते हैं।हम सोचते हैं कि हम बच्चे को सुरक्षित रख रहे हैं,लेकिन हकीकत में हमारी कुछ आदतें उन्हें बीमार कर रही होती हैं। डॉक्टर्स और पेरेंटिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक,सर्दियों में बच्चों की इम्यूनिटी कमज़ोर होने की एक बड़ी वजह माता-पिता की ये4आम गलतियां हैं। कहीं आप भी तो ये नहीं कर रहे?1.बहुत ज्यादा कपड़े पहनाना (Overdressing):बच्चे को’गठरी’न बनाएंअक्सर देखा जाता है कि माता-पिता ठंड के डर से बच्चे को4-5स्वेटर और जैकेट पहना देते हैं,जिससे वह हिला-डुला भी नहीं पाता।नुकसान:जब आप बच्चे को बहुत ज्यादा ढक देते हैं,तो उसके शरीर का तापमान (Body Temperature)ज़रूरत से ज्यादा बढ़ जाता है। उसे अंदर ही अंदर पसीना आने लगता है। पसीना जब सूखता है,तो वही ठंडक बन जाता है,जिससे निमोनिया या छाती जाम (Chest Congestion)होने का खतरा बढ़ जाता है।क्या करें: ‘लेयरिंग रूल’अपनाएं। एक मोटे जैकेट की जगह 2-3पतली परतों (Layers)में कपड़े पहनाएं। इससे गर्माहट बनी रहती है और बच्चा असहज महसूस नहीं करता।2.बंद कमरे में पूरी रात हीटर/ब्लोअर चलानाकमरा गर्म रहे,इसलिए हम रात भर हीटर चलाकर सो जाते हैं। यह गलती सबसे भारी पड़ सकती है।नुकसान:हीटर हवा की सारी नमी (Moisture)सोख लेता है। इससे बच्चे की नाजुक नाक और श्वास नली सूखने लगती है,जिससे नाक से खून आना (Nose bleed)या साँस लेने में दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा,कमरे में ऑक्सीजन लेवल कम होने का भी डर रहता है।क्या करें:सोने से एक घंटा पहले हीटर चलाएं और कमरा गर्म होते ही उसे बंद कर दें। कमरे में एक कटोरे में पानी भरकर रखें ताकि नमी बनी रहे।3.ठंड के डर से’रोज न नहलाना’या’खौलते पानी’का इस्तेमालकुछ पैरेंट्स ठंड के मारे बच्चों को नहलाना बंद कर देते हैं,तो कुछ उन्हें एकदम गरम पानी से नहलाते हैं। ये दोनों तरीके गलत हैं।नुकसान:ज्यादा गर्म पानी बच्चे की कोमल त्वचा से नेचुरल ऑयल छीन लेता है। इससे स्किन रूखी होकर फटने लगती है और खुजली (Winter Itch/Eczema)की समस्या हो जाती है। वहीं,कई दिन तक न नहलाने से कीटाणु पनप सकते हैं।क्या करें:गुनगुने पानी (Lukewarm water)का इस्तेमाल करें। नहाने के तुरंत बाद,गीले शरीर पर ही मॉइस्चराइजर या नारियल तेल लगाएं। यह स्किन के लिए कवच का काम करता है।4.ताजी हवा और धूप से दूरी (Indoors Only)“बाहर मत जाओ,हवा लग जाएगी!”-यह डायलॉग हर घर में सुनने को मिलता है। हम बच्चों को हफ़्तों तक घर में कैद कर देते हैं।नुकसान:बंद घर में वायरस और बैक्टीरिया ज्यादा समय तक जिन्दा रहते हैं। ताजी हवा और धूप (Vitamin D) न मिलने से बच्चे की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है और वो जल्दी-जल्दी बीमार पड़ता है।क्या करें:जब अच्छी धूप खिली हो (खासकर सुबह11से दोपहर3बजे के बीच),बच्चे को कम से कम20-30मिनट के लिए बाहर खेलने दें। सूरज की किरणें सर्दी से लड़ने की सबसे अच्छी दवा हैं।छोटी सी सलाह:बच्चों की परवरिश में’संतुलन’ही सबकुछ है। न तो लापरवाही बरतें और न ही इतना लाड़ करें कि वो मौसम से लड़ने की अपनी ताकत ही खो दें।

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