Himachal Weather: शिमला में टूटा 23 सालों का रिकॉर्ड, अप्रैल में कड़ाके की ठंड; बिलासपुर में सामान्य से 1780% अधिक बारिश

शिमला: हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण प्रदेश में अप्रैल के महीने में दिसंबर जैसी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वीरवार को राजधानी शिमला ने ठंड का एक नया रिकॉर्ड कायम किया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वर्ष 2003 से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल माह में वीरवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 23 वर्षों में इस अवधि का सबसे कम तापमान है।बिलासपुर और सिरमौर में रिकॉर्ड तोड़ बारिशप्रदेश के कई हिस्सों में ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। आंकड़ों के मुताबिक:बिलासपुर: यहां एक दिन में सामान्य से 1780% अधिक वर्षा दर्ज की गई। ब्रह्मणी में सबसे ज्यादा 53 मिमी बारिश हुई।सिरमौर: यहां सामान्य से 804% अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।हिमपात: ऊंची चोटियों के साथ-साथ शिमला के खदराला में भी 5 सेंटीमीटर तक ताज़ा हिमपात हुआ है।जमावबिंदु से नीचे पहुँचा पारापहाड़ी क्षेत्रों में तापमान गिरने से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। कल्पा (-0.2°C), केलंग और कुकुमसेरी में पारा शून्य से नीचे (जमावबिंदु) दर्ज किया गया। आलम यह है कि दिन के तापमान में 8 डिग्री तक की बढ़ोतरी के बावजूद प्रदेश का अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 9 डिग्री कम चल रहा है। धर्मशाला में अधिकतम तापमान सामान्य से 9.1 डिग्री कम दर्ज किया गया।प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)स्थानन्यूनतम तापमानअधिकतम तापमानशिमला3.614.8ऊना10.027.6धर्मशाला7.316.0सोलन6.020.0सुंदरनगर9.823.3फलों और फसलों को भारी नुकसानदोपहर के समय हुई ओलावृष्टि ने बागवानों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सेब के बगीचों और तैयार फसलों को इस बेमौसम ओलावृष्टि से काफी नुकसान पहुँचा है। ठंड बढ़ने के कारण लोगों ने एक बार फिर भारी ऊनी कपड़े और हीटर निकाल लिए हैं।आगामी पूर्वानुमान: 11 अप्रैल को फिर अलर्टमौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, अब पश्चिमी विक्षोभ धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा, जिससे छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा। हालांकि, 11 अप्रैल को प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है।