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Palmistry : हथेली में गुरु और शुक्र पर्वत का खेल अगर यहाँ हैं ये निशान, तो राजा जैसी होगी जिंदगी,जानें हस्तरेखा के संकेत

News India Live, Digital Desk: हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हमारी हथेली में मौजूद उभार जिन्हें ‘पर्वत’ कहा जाता है, हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं को नियंत्रित करते हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं ‘गुरु पर्वत’ (Jupiter Mount) और ‘शुक्र पर्वत’ (Venus Mount)। गुरु पर्वत जहां ज्ञान, सम्मान और नेतृत्व का प्रतीक है, वहीं शुक्र पर्वत सुख-सुविधा, रोमांस और विलासिता (Luxury) का प्रतिनिधित्व करता है। यदि किसी व्यक्ति की हथेली में ये दोनों पर्वत उन्नत और शुभ निशानों से युक्त हों, तो उसे जीवन में कभी भी धन और सम्मान की कमी नहीं होती।गुरु पर्वत: सौभाग्य और नेतृत्व का प्रतीकतर्जनी उंगली (Index Finger) के ठीक नीचे वाले हिस्से को गुरु पर्वत कहा जाता है।शुभ स्थिति: यदि यह पर्वत अच्छी तरह उभरा हुआ और साफ है, तो व्यक्ति धार्मिक, परोपकारी और एक अच्छा लीडर होता है। ऐसे लोग प्रशासनिक सेवाओं या शिक्षण के क्षेत्र में बहुत नाम कमाते हैं।विशेष निशान: गुरु पर्वत पर ‘क्रॉस’ (Cross) का निशान होना वैवाहिक सुख के लिए सबसे शुभ माना जाता है। वहीं, ‘वर्ग’ (Square) का निशान व्यक्ति को सामाजिक बदनामी से बचाता है।शुक्र पर्वत: सुख-समृद्धि और आकर्षण का केंद्रअंगूठे के निचले हिस्से और जीवन रेखा के घेरे के भीतर वाले क्षेत्र को शुक्र पर्वत कहा जाता है।शुभ स्थिति: यदि शुक्र पर्वत गुलाबी आभा लिए हुए और उभरा हुआ है, तो व्यक्ति का जीवन सुख-सुविधाओं से भरा होता है। ऐसे लोग कला, संगीत और ग्लैमर की दुनिया में सफल होते हैं। इनका व्यक्तित्व अत्यंत आकर्षक होता है।अशुभ स्थिति: यदि शुक्र पर्वत पर बहुत अधिक जाल (Net) बना हो, तो व्यक्ति भोग-विलास में डूबा रहता है और मानसिक रूप से अशांत रह सकता है।जब गुरु और शुक्र दोनों हों मजबूतहस्तरेखा विशेषज्ञों के अनुसार, जिस जातक की हथेली में गुरु और शुक्र दोनों ही पर्वत उन्नत होते हैं, वह ‘राजयोग’ के समान जीवन जीता है। गुरु उसे बुद्धि और पद देता है, तो शुक्र उसे उस पद का आनंद लेने के लिए धन और ऐश्वर्य प्रदान करता है। ऐसे व्यक्ति का पारिवारिक जीवन भी बहुत सुखी रहता है और उन्हें समाज में ‘आदर्श’ माना जाता है।

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