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PhonePe Offline UPI: बिना इंटरनेट के करें UPI पेमेंट! फोनपे ने 20 करोड़ फीचर फोन यूजर्स के लिए लॉन्च की ‘PhonePe UPI 123Pay’ सर्विस; जानिए कैसे करेगा काम

डिजिटल पेमेंट क्षेत्र की दिग्गज फिनटेक कंपनी फोनपे (PhonePe) ने भारत के 20 करोड़ से अधिक फीचर फोन (बेसिक कीपैड फोन) यूजर्स के लिए एक क्रांतिकारी सेवा शुरू की है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर 'PhonePe UPI 123Pay' लॉन्च किया है, जिसके जरिए यूजर्स बिना किसी इंटरनेट कनेक्शन या डेटा पैक के सुरक्षित यूपीआई लेन-देन कर सकेंगे।

फोनपे भारत का पहला ऐसा प्रमुख थर्ड-पार्टी एप्लीकेशन प्रोवाइडर (TPAP) बन गया है, जिसने फीचर फोन्स के लिए इतने बड़े पैमाने पर इन-बिल्ट यूपीआई सर्विस शुरू की है। यह कदम विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा देगा, जहां आज भी स्मार्टफोन और मजबूत इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी है।

कैसे काम करेगी यह तकनीक? 2G नेटवर्क पर भी होगा पेमेंट

फोनपे की यह नई सर्विस एक विशेष एसएमएस-आधारित आर्किटेक्चर (SMS-based Architecture) और कंपनी के प्रोप्राइटरी टेक्नोलॉजी स्टैक पर काम करती है।

  • इंटरनेट की जरूरत नहीं: इस सर्विस के जरिए पैसे भेजने या मर्चेंट को भुगतान करने के लिए किसी वाई-फाई या मोबाइल डेटा की आवश्यकता नहीं होती।

  • कमजोर 2G सिग्नल में भी एक्टिव: यदि आपके फोन में केवल बुनियादी 2G नेटवर्क आ रहा है, तब भी यह सिस्टम सुरक्षित एन्क्रिप्शन के साथ बैंक-टू-बैंक ट्रांसफर पूरा कर देता है।

  • हैंडसेट निर्माताओं से पार्टनरशिप: यह सर्विस नोकिया (Nokia), एचएमडी (HMD), लावा (Lava International) और आईटेल (Itel Mobile) के चुनिंदा नए फीचर फोन्स में पहले से ही प्री-इंस्टॉल्ड (Pre-bundled) ऐप के रूप में मिलेगी।

'PhonePe UPI 123Pay' पर क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

फीचर फोन यूजर्स अपने फोनपे ऐप के जरिए कई बैंकिंग और पेमेंट सुविधाएं हासिल कर सकेंगे:

  • पीयर-टू-पीयर (P2P) ट्रांसफर: मोबाइल नंबर या यूपीआई आईडी दर्ज करके किसी भी व्यक्ति को सीधे पैसे भेज सकते हैं।

  • दुकानों पर पेमेंट (P2M): दुकानदार की यूपीआई आईडी या नंबर पर भुगतान किया जा सकेगा।

  • कैमरे वाले बेसिक फोन्स में QR स्कैनिंग: जिन फीचर फोन्स में रियर कैमरा मौजूद है, उनमें यूजर सीधे दुकान पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके पेमेंट कर सकेंगे।

  • बैलेंस चेक और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री: यूजर कभी भी अपने बैंक खाते का बैलेंस चेक कर सकेंगे और पुराने लेनदेन का विवरण देख सकेंगे।

  • आगामी फीचर्स: कंपनी ने पुष्टि की है कि आने वाले अपडेट्स में बिजली-पानी के बिल भुगतान, मोबाइल रिचार्ज और आधार-आधारित यूपीआई ऑनबोर्डिंग की सुविधा भी जोड़ी जाएगी।

12 भारतीय भाषाओं में AI वॉयस हेल्पलाइन करेगी मदद

पहली बार डिजिटल पेमेंट इस्तेमाल करने वाले ग्रामीण और बुजुर्ग यूजर्स की मदद के लिए फोनपे ने एक AI-संचालित वॉयस हेल्पलाइन (Voice-First AI Assistant) भी पेश की है।

पारंपरिक आईवीआर (IVR) के जटिल मेनू के बजाय यह वॉयस असिस्टेंट यूजर्स से बातचीत के अंदाज में स्टेप-बाय-स्टेप रजिस्ट्रेशन और पेमेंट की प्रक्रिया समझाएगा। यह वॉयस सर्विस अंग्रेजी और हिंदी समेत 12 प्रमुख भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराई गई है।

फीचर फोन पर PhonePe UPI एक्टिव और इस्तेमाल करने का तरीका

इस सर्विस को एक्टिवेट करने के लिए किसी स्मार्टफोन की जरूरत नहीं है:

  • स्टेप 1 (रजिस्ट्रेशन): फीचर फोन में मौजूद प्री-इंस्टॉल्ड 'PhonePe' ऐप खोलें और नियम व शर्तें स्वीकार करें।

  • स्टेप 2 (बैंक चयन): स्क्रीन पर दिख रही सूची में से अपना बैंक चुनें।

  • स्टेप 3 (डेबिट कार्ड विवरण): अपने एटीएम/डेबिट कार्ड के अंतिम 6 अंक और एक्सपायरी डेट दर्ज करें।

  • स्टेप 4 (UPI पिन सेट करें): अपना 4 या 6 अंकों का गुप्त यूपीआई पिन बनाएं। पिन सेट होते ही आपकी ऑफलाइन यूपीआई आईडी एक्टिव हो जाएगी।

  • पैसे भेजने के लिए: ऐप में जाकर 'Pay to Mobile Number' या 'Scan & Pay' चुनें, राशि भरें, अपना यूपीआई पिन डालें और 'OK' दबाएं; सेकंडों में पेमेंट की पुष्टि स्क्रीन पर दिख जाएगी।

देश में लगभग 71.5 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स और 5 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट नेटवर्क के साथ फोनपे का यह नया कदम देश के अगले 30 करोड़ गैर-स्मार्टफोन यूजर्स को सीधे डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने का काम करेगा।

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