PoK Human Rights Violation: पाकिस्तान के जुल्मों के खिलाफ ब्रिटेन की सड़कों पर उतरे लोग

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थानीय नागरिकों पर पाकिस्तानी हुकूमत के अत्याचार और मानवाधिकारों का हनन का मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूंजने लगा है। पाकिस्तान अपनी दमनकारी नीतियों और काली करतूतों को छिपाने की लाख कोशिश कर रहा है, लेकिन अब पीओके के लोगों की चीखें और आक्रोश ब्रिटेन तक पहुंच गया है। ब्रिटेन के ब्रैडफोर्ड शहर में कश्मीरी समुदाय के लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ब्रिटेन की सड़कों पर फूटा गुस्सा, PoK के दमन के खिलाफ प्रदर्शन
ब्रिटेन के ब्रैडफोर्ड सिटी सेंटर में भारी संख्या में कश्मीरी समुदाय के लोग जमा हुए और पाकिस्तान की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) की सभी मांगों का जोरदार समर्थन किया। हाथों में तख्तियां और बैनर थामे लोगों ने PoK में नागरिकों के बुनियादी मानवाधिकारों, नागरिक स्वतंत्रता और एक सम्मानजनक जीवन की बहाली की पुरजोर मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की हिंसक सैन्य कार्रवाइयों में कई निर्दोष नागरिकों की जान गई है, जिनमें महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को खासतौर पर निशाना बनाया जा रहा है तथा उनके घरों पर अवैध छापे मारे जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों से निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शन के दौरान ब्रिटिश कश्मीरी समुदाय ने ब्रिटिश सरकार, संयुक्त राष्ट्र और तमाम अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि वे PoK के हालात पर तुरंत संज्ञान लें। उन्होंने मांग की है कि पाकिस्तान द्वारा नागरिकों पर किए जा रहे बल प्रयोग और बर्बर कार्रवाई की निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच कराई जाए, ताकि पाकिस्तानी हुकुमतरों के चेहरे से नकाब उतर सके। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पाकिस्तान लगातार वहां के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल रहा है और अपने अवैध कब्जे को मजबूत करने के लिए फर्जी हथकंडे अपना रहा है।
भारत ने पहले ही दुनिया के सामने खोली है पाकिस्तान की पोल
इस बीच, भारत ने भी PoK में हो रही हिंसा और मानवाधिकारों के हनन की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान द्वारा कराए जा रहे स्थानीय चुनावों और नाटकों को पूरी तरह से दिखावा करार दिया है। भारत का स्पष्ट मानना है कि PoK इस समय पाकिस्तानी सेना के अत्याचार, आर्थिक शोषण और ब्लैकआउट की आग में जल रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र भी शामिल हैं, भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं। पीओके में उठ रहे विरोध के ये स्वर दशकों से चले आ रहे शोषण और दमन का सीधा परिणाम हैं।