PoK में पाकिस्तान की पोल खुली तो मीडिया पर लगाया कड़ा प्रतिबंध, महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाने की फिराक में पाक सरकार

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पिछले कई हफ्तों से चल रहे भीषण विरोध प्रदर्शनों और बगावत के बीच पाकिस्तान सरकार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अपनी नाकामियों और अत्याचारों को दुनिया की नजरों से छिपाने के लिए अब पाकिस्तानी हुक्मरानों ने मीडिया पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं। स्थानीय और क्षेत्रीय समाचार पोर्टलों के साथ-साथ प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय न्यूज चैनल 'अल जजीरा इंग्लिश' की पहुंच को भी देश के कई हिस्सों में बाधित कर दिया गया है। इसके अलावा इमरान खान की पार्टी, मुख्य विपक्षी दलों और सरकार की पोल खोलने वाले कई प्रमुख यूट्यूब चैनलों को भी बंद करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सच बाहर न आ सके।
महिलाओं और बच्चों की भारी भीड़ के बीच सुरक्षा बलों ने चलाई गोलियां
PoK में हालात पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं और स्थानीय पुलिस प्रशासन भी प्रदर्शनकारियों के आक्रोश को थामने में नाकाम साबित हो रहा है। रविवार देर रात रावलकोट इलाके में सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर कथित तौर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब प्रदर्शन स्थलों पर महिलाओं और बच्चों की भारी मौजूदगी थी। पिछले 50 दिनों से लगातार बच्चे और महिलाएं सड़कों पर डटे हुए हैं और रविवार को इनकी संख्या में अचानक और इजाफा हो गया था, जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।
संसाधनों के दोहन और अनदेखी से उबल रहा PoK, अब तक 40 मौतें
एक आधिकारिक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर खुलासा किया है कि सुरक्षा बलों की इस बर्बर कार्रवाई में अब तक कम से कम 40 लोगों की जान जा चुकी है। खुफिया एजेंसियों में इस बात का बड़ा डर सता रहा है कि हताश हो चुकी पाकिस्तानी सरकार अब इलाके के लोगों में खौफ पैदा करने के लिए महिलाओं और बच्चों को सीधे तौर पर निशाना बना सकती है। प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप है कि उनके इलाकों के प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है और पाकिस्तान सरकार उनकी लगातार उपेक्षा कर रही है, जिससे जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
भारत ने नकारा PoK चुनाव का ढोंग, खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती हमला
दूसरी तरफ, PoK में हुए विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के बहुमत का दावा किया जा रहा है, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट कर दिया है कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है और यह चुनाव केवल मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने का एक दिखावा मात्र है। वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में एक शांति रैली के दौरान पुलिस थाने को निशाना बनाकर किए गए भीषण आत्मघाती हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है, जिसमें कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।