Property Market Inflation: देश के टॉप 8 शहरों में ₹10,000/Sqft के पार पहुंची औसत कीमत, महंगाई के झटके से हाउसिंग सेल्स में 6% की गिरावट

भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में घरों की बढ़ती कीमतों ने मिडिल क्लास और नए घर खरीदारों के बजट पर बड़ा असर डाला है। प्रॉपटाइगर (PropTiger) की ताजा 'रियल इनसाइट रेजिडेंशियल' रिपोर्ट के अनुसार, देश के शीर्ष 8 प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री-भारित औसत कीमत ₹10,153 प्रति वर्ग फुट के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। यह लगातार दूसरी तिमाही है जब देश के प्रमुख बाजारों में प्रॉपर्टी की औसत दर ₹10,000 प्रति वर्ग फुट से ऊपर बनी हुई है। हालांकि, लगातार महंगी होती प्रॉपर्टीज, लोन की ऊंची दरों और आईटी सेक्टर में छंटनी के चलते चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में घरों की कुल बिक्री में सालाना आधार पर 6.1% की गिरावट आई है और कुल बिक्री घटकर 91,729 यूनिट्स रह गई है।
प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने और बिक्री घटने के मुख्य कारण
रियल एस्टेट विश्लेषकों के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में जमीनों की लागत और प्रीमियम हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ने से डेवलपर्स ने कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की है। जहां एक तरफ लग्जरी और अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट में मजबूत खरीदारी जारी है, वहीं ₹1 करोड़ से कम बजट वाले अफोर्डेबल और मिड-इनकम हाउसिंग सेगमेंट में ग्राहकों ने हाथ खींच लिए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऑटोमेशन, टेक कंपनियों में वर्कफोर्स रिस्ट्रक्चरिंग और अनिश्चित आर्थिक माहौल ने आईटी प्रोफेशनल्स और पहली बार घर खरीदने वालों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है।
किस शहर में कितनी गिरी बिक्री और कहां बढ़ी मांग?
देश के अलग-अलग रियल एस्टेट बाजारों में बिक्री का रुख मिला-जुला देखने को मिला है:
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पुणे और अहमदाबाद में सबसे बड़ी गिरावट: पुणे में हाउसिंग बिक्री में 20.8% की सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई, जहां बिक्री घटकर 12,642 यूनिट रह गई। वहीं अहमदाबाद में भी बिक्री 20.2% लुढ़क कर 7,541 यूनिट पर आ गई।
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बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई (MMR): देश के आईटी हब बेंगलुरु में घरों की बिक्री में 9.2% की कमी आई। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) दोनों प्रमुख बाजारों में सालाना आधार पर 7% की गिरावट दर्ज की गई।
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चेन्नई और हैदराबाद में दिखी मजबूती: विपरीत ट्रेंड के तहत चेन्नई में नए प्रोजेक्ट्स और मजबूत मांग के चलते बिक्री में 36% का जबर्दस्त उछाल आया। वहीं हैदराबाद में भी आवासीय बिक्री 14.6% बढ़कर 13,196 यूनिट पर पहुंच गई।
कीमतों के मामले में मुंबई सबसे महंगा, बेंगलुरु में सबसे तेज उछाल
बिक्री में नरमी के बावजूद प्रॉपर्टी के दामों में नरमी नहीं आई है। मुंबई (MMR) देश का सबसे महंगा हाउसिंग मार्केट बना हुआ है, जहां औसत दर ₹15,422 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई है। वहीं बेंगलुरु में सालाना आधार पर कीमतों में 26% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई और वहां औसत भाव ₹9,931 प्रति वर्ग फुट हो गया है। पुणे में भी प्रॉपर्टी की कीमतें पहली बार ₹8,000 का स्तर पार कर ₹8,084 प्रति वर्ग फुट हो गईं। दूसरी ओर, ₹5,295 प्रति वर्ग फुट के साथ अहमदाबाद अभी भी शीर्ष आठ शहरों में सबसे किफायती बाजार बना हुआ है।
टियर-2 और टियर-3 शहरों में शिफ्ट हो रहा बायर्स का रुझान
मेट्रो शहरों में प्रति वर्ग फुट की दरें ₹10,000 के पार जाने के कारण अब कई मध्यमवर्गीय खरीदार और निवेशक लखनऊ, कानपुर, जयपुर, इंदौर, चंडीगढ़ और कोच्चि जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों का रुख कर रहे हैं। इन उभरते शहरों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो कनेक्टिविटी और एक्सप्रेसवे के विकास के चलते ₹4,000 से ₹6,500 प्रति वर्ग फुट के दायरे में गुणवत्तापूर्ण घर उपलब्ध हैं, जिससे लोकल रियल एस्टेट मार्केट्स को बड़ा सहारा मिल रहा है।
आगामी त्योहारी सीजन में अफोर्डेबिलिटी बनेगी सबसे बड़ी चुनौती
आने वाले त्योहारी सीजन (गणेश चतुर्थी, नवरात्रि और दिवाली) को लेकर रियल एस्टेट डेवलपर्स को काफी उम्मीदें हैं, क्योंकि इस दौरान डेवलपर्स द्वारा स्पेशल डिस्काउंट, नो-ईएमआई ऑफर्स और फ्लेक्सिबल पेमेंट प्लान पेश किए जाते हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि जब तक निर्माण लागत में कमी और अफोर्डेबल सेगमेंट में प्राइस करेक्शन नहीं होता, तब तक मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।