Ram Navami 2026 : क्या आप जानते हैं प्रभु श्री राम के चरणों के 16 दिव्य चिह्न? इनके दर्शन मात्र से टल जाते हैं सब संकट

News India Live, Digital Desk : चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि यानी ‘राम नवमी’ (Ram Navami 2026)। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जन्मोत्सव इस साल अयोध्या के भव्य मंदिर में ऐतिहासिक होने जा रहा है। भक्त अक्सर प्रभु के मुखारविंद के दर्शन करते हैं, लेकिन शास्त्रों में भगवान श्री राम के ‘चरण कमलों’ (Lotus Feet) का विशेष महत्व बताया गया है। वाल्मीकि रामायण और पद्म पुराण के अनुसार, श्री राम के चरणों में 16 ऐसे दिव्य चिह्न मौजूद हैं, जिनकी पूजा करने से व्यक्ति को जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिल जाती है और अष्ट सिद्धियों की प्राप्ति होती है।श्री राम के चरणों के दिव्य प्रतीक और उनके अर्थप्रभु के दाहिने और बाएं चरण में अलग-अलग चिह्न अंकित हैं, जो ब्रह्मांड की शक्तियों का प्रतिनिधित्व करते हैं:ध्वज (Flag): यह विजय का प्रतीक है। भक्त के जीवन में आने वाली बाधाओं पर विजय प्राप्त करने की शक्ति देता है।वज्र (Thunderbolt): यह पापों के पर्वतों को नष्ट करने वाला है। इन्द्र के अस्त्र के समान यह भक्त की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।कमल (Lotus): शांति और एकाग्रता का प्रतीक। जो भक्त चरणों का ध्यान करते हैं, उनका मन संसार की गंदगी से अछूता रहता है।अंकुश (Elephant Goad): यह मन रूपी मतवाले हाथी को नियंत्रण में रखने की शक्ति प्रदान करता है।यव (Barley Grain): यह सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य का प्रतीक माना गया है।अष्टकोण (Octagon): आठों दिशाओं से रक्षा और सौभाग्य का सूचक।इनके अलावा शंख, चक्र, गदा, पद्म, स्वास्तिक और छत्र जैसे चिह्न भी प्रभु के चरणों की शोभा बढ़ाते हैं।राम नवमी 2026: शुभ मुहूर्त और पूजा विधिइस साल राम नवमी 26 मार्च (गुरुवार) को मनाई जाएगी। भगवान के जन्मोत्सव का सबसे श्रेष्ठ समय मध्याह्न (दोपहर) का माना जाता है।नवमी तिथि प्रारंभ: 25 मार्च की रात से।अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:17 से दोपहर 01:46 तक।राम नवमी के दिन रामलला का केसरिया जल से अभिषेक करें और उनके चरणों में चंदन से इन 16 चिह्नों का ध्यान करते हुए पुष्प अर्पित करें। मान्यता है कि राम नवमी पर चरणों की पूजा करने से पितृ दोष और शनि दोष से भी मुक्ति मिलती है।चरणों की वंदना का आध्यात्मिक लाभगोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में लिखा है”बंदऊं गुरु पद पदुम परागा, सुरुचि सुबास सरस अनुरागा।” श्री राम के चरण कमलों की धूल भी अहिल्या जैसी पाषाण हृदय नारी का उद्धार कर देती है। जो भक्त राम नवमी पर प्रभु के चरणों के इन चिह्नों का मानसिक ध्यान करते हैं, उनके घर में दरिद्रता कभी प्रवेश नहीं करती और सुख-शांति का वास होता है।