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Sawan & Kanwar Yatra 2026: सावन का पावन महीना शुरू, काशी में VIP दर्शन पर रोक तो ओंकारेश्वर में रक्तदान पर VIP पास; जानें देश भर के शिवधामों की नई व्यवस्थाएं

भगवान शिव की उपासना का सबसे प्रिय महीना सावन शुरू हो चुका है। इसके साथ ही देश भर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ने लगा है और करोड़ों भक्तों की आस्था का प्रतीक कांवड़ यात्रा भी आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली और हरियाणा समेत कई राज्यों के प्रशासन ने कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुगम दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सोशल मीडिया के जरिए सभी शिवभक्तों को सावन और कांवड़ यात्रा की शुभकामनाएं दी हैं।

देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में दर्शन के लिए नई व्यवस्थाएं

1. काशी विश्वनाथ (वाराणसी): VIP और स्पर्श दर्शन पर पूरी तरह रोक

वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम में सावन के दौरान उमड़ने वाली अभूतपूर्व भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है।

  • समान व्यवस्था: पूरे सावन महीने के दौरान वीआईपी दर्शन और स्पर्श दर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी।

  • 7 नए प्रवेश द्वार: श्रद्धालुओं की कतारों को व्यवस्थित करने और भीड़ का दबाव कम करने के लिए मंदिर परिसर में 7 नए प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं।

2. ओंकारेश्वर (मध्य प्रदेश): रक्तदान करने वालों को सपरिवार VIP पास

मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर प्रशासन ने एक अनूठी और सराहनीय पहल शुरू की है:

  • रक्तदान पर प्रोत्साहन: स्थानीय अस्पतालों में खून की कमी को दूर करने के लिए रक्तदान करने वाले श्रद्धालुओं को उनके परिवार के साथ वीआईपी दर्शन की सुविधा दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।

3. महाकाल मंदिर (उज्जैन) और बाबा बैद्यनाथ (देवघर)

  • उज्जैन महाकाल: मंदिर परिसर में अतिरिक्त बैरिकेडिंग, पेयजल, स्वास्थ्य शिविर और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।

  • देवघर श्रावणी मेला: झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में विश्व प्रसिद्ध 'श्रावणी मेले' के लिए कांवड़ पथ पर हेल्प डेस्क, चिकित्सा केंद्र और 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।

उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में कड़ा सुरक्षा चक्र व रूट डायवर्जन

हरिद्वार, ऋषिकेश, गंगोत्री और गौमुख से पवित्र गंगाजल लेकर लौटने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर इंतजाम किए गए हैं:

  • ट्रैफिक डायवर्जन: दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे सहित मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, बागपत और सहारनपुर में भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू की गई है।

  • सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी: हरिद्वार के हर की पैड़ी और प्रमुख घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल के साथ-साथ ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।

  • स्वास्थ्य सेवाएं: पूरे कांवड़ मार्ग पर मोबाइल मेडिकल यूनिट्स, एम्बुलेंस, विश्राम शिविर और पेयजल केंद्र बनाए गए हैं।

11 अगस्त को सावन शिवरात्रि पर होगा जलाभिषेक

इस वर्ष कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर अपने चरम पर पहुंचेगी। इसी दिन देश भर के करोड़ों शिवभक्त हरिद्वार और अन्य पावन नदियों से लाया गया गंगाजल अपने स्थानीय शिवालयों में भगवान भोलेनाथ को अर्पित कर जलाभिषेक करेंगे।

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