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SIP Calculator: क्या महीने की 1 तारीख को निवेश करने से मिलता है ज्यादा रिटर्न? जानें म्यूचुअल फंड में SIP डेट का असली सच

नई दिल्ली: म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले करोड़ों निवेशकों के मन में अक्सर एक सवाल जरूर कौंधता है—क्या महीने की 1 तारीख को SIP करना 20 तारीख के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद है? क्या तारीख बदलने से आपके अंतिम फंड पर कोई बड़ा असर पड़ता है? अमर उजाला की इस खास रिपोर्ट में हम डिकोड करेंगे SIP की तारीखों का गणित और बताएंगे कि एक्सपर्ट्स इस पर क्या राय रखते हैं।10 साल का डेटा: तारीख बनाम रिटर्न की हकीकतअगर आप सोचते हैं कि तारीख बदलने से आप लखपति बन जाएंगे, तो शायद आप गलत हैं। एक लार्ज कैप म्यूचुअल फंड द्वारा मार्च 2015 से मार्च 2025 के बीच किए गए 10 साल के विश्लेषण से चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।इस डेटा के अनुसार, महीने की अलग-अलग तारीखों पर SIP करने वालों का रिटर्न 13.07% से 13.26% के बीच रहा। उदाहरण के लिए, यदि आप ₹2,000 की मासिक SIP करते हैं, तो 10 साल में आपका कुल फंड ₹4.70 लाख से ₹4.76 लाख के बीच रहेगा। यानी 10 साल के लंबे अंतराल के बाद भी केवल ₹6,000 का मामूली अंतर देखने को मिला।रिटर्न की तारीख नहीं, ये 4 बातें हैं सबसे अहमएक्सपर्ट्स का मानना है कि लॉन्ग टर्म में ‘तारीख’ से ज्यादा ‘अनुशासन’ मायने रखता है। आपके रिटर्न को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक ये हैं:फंड का चयन: आप किस कैटेगरी (स्मॉल कैप, मिड कैप या लार्ज कैप) में निवेश कर रहे हैं।निवेश की अवधि: आप कितने सालों तक बाजार में टिके रहते हैं।स्टेप-अप SIP: क्या आप हर साल अपनी आय बढ़ने के साथ निवेश की रकम बढ़ा रहे हैं?मार्केट वॉलेटिलिटी: जोखिम सहने की आपकी क्षमता कितनी है।रुपी कॉस्ट एवरेजिंग: SIP का असली जादूSIP की असली ताकत ‘रुपी कॉस्ट एवरेजिंग’ (Rupee Cost Averaging) में छिपी है। जब बाजार नीचे गिरता है, तो आपको उसी रकम में ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं, और जब बाजार ऊपर जाता है, तो कम यूनिट्स। लंबे समय में यह उतार-चढ़ाव खुद-ब-खुद संतुलित हो जाता है। यही वजह है कि 10-15 साल की अवधि में यह फर्क खत्म हो जाता है कि आपने महीने की किस तारीख को पैसा लगाया था।शॉर्ट टर्म में दिख सकता है मामूली अंतरयदि आप केवल 6 महीने या 1 साल के लिए निवेश कर रहे हैं, तो बाजार के मूड के हिसाब से तारीख का थोड़ा असर दिख सकता है। कभी-कभी महीने के अंत में बाजार में गिरावट होने पर निवेशकों को सस्ती यूनिट्स मिल सकती हैं, लेकिन यह कोई स्थाई पैटर्न नहीं है। मार्केट टाइमिंग के पीछे भागने से बेहतर है कि आप मार्केट में समय बिताएं।कौन सी तारीख है आपके लिए सबसे बेस्ट?SIP की तारीख चुनने का सबसे सही तरीका ‘बाजार’ नहीं बल्कि आपका ‘बैंक बैलेंस’ होना चाहिए।कैश फ्लो का ध्यान रखें: जिस दिन आपकी सैलरी या आय खाते में आती है, उसके 2-3 दिन बाद की ही SIP डेट चुनें।पेमेंट मिस न हो: इससे आपका बैंक बैलेंस मेंटेन रहेगा और बाउंसिंग चार्ज या SIP टूटने का खतरा नहीं रहेगा।

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