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इमरान हाशमी ने आज के स्टार्स को दिखाई असलियत, आखिर क्यों असुरक्षित महसूस कर रहे हैं नामी सितारे?

News India Live, Digital Desk: हम अक्सर फिल्मी सितारों को ग्लैमर और भारी चमक-धमक के बीच देखते हैं। हमें लगता है कि इनकी ज़िंदगी बड़ी आसान है, लेकिन इमरान हाशमी ने जो बातें कहीं हैं, वे फिल्म इंडस्ट्री की उस ‘इनसिक्योरिटी’ को सामने लाती हैं जिसे लोग छुपाते हैं। इमरान के मुताबिक, आज के दौर में एक्टर्स को अपना किरदार चुनने से ज़्यादा इस बात की चिंता रहती है कि “लोग क्या सोचेंगे” या “कहीं कोई नाराज न हो जाए।”ये ‘वोक ब्रिगेड’ और रचनात्मकता का संकटइमरान हाशमी ने सीधे तौर पर उन लोगों पर निशाना साधा है जो सोशल मीडिया पर बैठकर हर बात को ‘ऑफेंसिव’ बना देते हैं। उन्होंने इसे “वोक ब्रिगेड” (Woke Brigade) का नाम दिया। इमरान का कहना है कि आज फिल्म बनाना बहुत रिस्की हो गया है, क्योंकि लोग रचनात्मकता को देखने के बजाय सिर्फ ये ढूंढते हैं कि किस बात पर विवाद किया जा सकता है। उनकी नज़र में, यह “सब कुछ सही” (Political Correctness) दिखाने का दबाव फिल्म मेकर्स और एक्टर्स के हाथ बांध रहा है।असुरक्षित सितारे और ‘स्क्रीन टाइम’ का मोहएक और चौंकाने वाला पहलू जो इमरान ने साझा किया, वो है फिल्म स्टार्स के बीच की असुरक्षा। उन्होंने साफ़ कहा कि आज कई बड़े सितारे ऐसी फिल्में करने से डरते हैं जो समाज के कड़वे सच दिखाती हों या जिनमें उनका किरदार थोड़ा डार्क हो। इमरान पूछते हैं— “आज के दौर में कितने लोग हैं जो ‘हक़’ जैसी फिल्मों का हिस्सा बनने का साहस रखते हैं?”जहाँ एक्टर्स अक्सर अपनी ‘पब्लिसिटी’ और ‘इमेज’ बचाने में लगे रहते हैं, वहीं इमरान ऐसे रोल चुन रहे हैं जो उन्हें एक कलाकार के तौर पर संतुष्टि देते हैं, न कि सिर्फ़ बैंक बैलेंस बढ़ाते हैं।जिगरा चाहिए असलियत दिखाने के लिएइमरान हाशमी की मानें तो, अगर हम सिर्फ़ ‘सेफ’ फिल्में बनाते रहेंगे, तो नया और बेहतरीन काम कभी सामने नहीं आएगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि स्टार्स को इस डर से बाहर निकलना होगा कि सोशल मीडिया पर कोई छोटा सा तबका उनके बारे में क्या कह रहा है। इमरान हमेशा से ही उन किरदारों के लिए जाने गए हैं जिनमें एक अलग सा गहराई और ग्रे-शेड होता है। उनके लिए एक अच्छी फिल्म वो है, जो समाज को आइना दिखाए, न कि सिर्फ़ उसे जो वो देखना चाहता है।

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