Smartphone Price Hike : अब महंगे हो सकते हैं सैमसंग, वीवो और ओप्पो के फोन? सुप्रीम कोर्ट पहुंचा कस्टम विभाग

News India Live, Digital Desk: यदि आप नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में सैमसंग, वीवो और ओप्पो जैसे बड़े ब्रांड्स के मोबाइल फोन की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है। इसका कारण कोई चिप शॉर्टेज नहीं, बल्कि एक कानूनी लड़ाई है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को कस्टम विभाग की उस याचिका पर मोबाइल कंपनियों से जवाब मांगा है, जिसमें आयातित लिथियम-आयन बैटरी (Lithium-ion Battery) पर 28% का उच्च एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (IGST) लगाने की मांग की गई है।क्या है पूरा विवाद? 12% बनाम 28% की जंगपूरा मामला मोबाइल बैटरी के वर्गीकरण (Classification) को लेकर है। वर्तमान में, मोबाइल कंपनियां इन बैटरियों पर 12% IGST का भुगतान कर रही हैं। कंपनियों का तर्क है कि ये बैटरी “मोबाइल फोन का हिस्सा” हैं, इसलिए इन पर कम दर लागू होनी चाहिए।हालांकि, कस्टम विभाग का रुख इसके ठीक उलट है। विभाग का कहना है कि लिथियम-आयन बैटरी की अपनी एक स्वतंत्र व्यावसायिक पहचान है और इनका इस्तेमाल केवल मोबाइल तक सीमित नहीं है। विभाग के अनुसार, इन्हें मोबाइल का हिस्सा न मानकर एक अलग उत्पाद माना जाना चाहिए, जिस पर 28% का अधिकतम टैक्स लगना चाहिए।सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई और कंपनियों को नोटिसजस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने इस मामले में सैमसंग, एलजी, वीवो और ओप्पो की भारतीय इकाइयों को नोटिस जारी किया है। कस्टम विभाग ने साल 2025 के उस ट्रिब्यूनल (CESTAT) के फैसले को चुनौती दी है, जिसमें 12% टैक्स रेट को सही ठहराया गया था। विभाग का आरोप है कि कंपनियां कम टैक्स चुकाने के लिए उत्पादों का गलत वर्गीकरण कर रही हैं।आम आदमी की जेब पर क्या होगा असर?यदि सुप्रीम कोर्ट का फैसला कस्टम विभाग के पक्ष में आता है, तो मोबाइल कंपनियों की इनपुट कॉस्ट (निर्माण लागत) में भारी बढ़ोतरी होगी:फोन की कीमतों में वृद्धि: बैटरी स्मार्टफोन का एक महंगा हिस्सा होती है। टैक्स में 16% की सीधी बढ़ोतरी का बोझ कंपनियां ग्राहकों पर डाल सकती हैं।पुराने फोन की रिपेयरिंग महंगी: अगर आप अपने पुराने फोन की बैटरी बदलवाते हैं, तो वह भी काफी महंगी हो जाएगी।बजट सेगमेंट पर मार: मिड-रेंज और बजट सेगमेंट के फोन (10,000 से 25,000 रुपये) पर इसका सबसे ज्यादा असर दिख सकता है।बजट 2026 की राहत पर फिरेगा पानी?दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में पेश हुए बजट 2026 में सरकार ने मोबाइल पार्ट्स और बैटरी बनाने वाली मशीनरी पर कस्टम ड्यूटी में कटौती की थी ताकि फोन सस्ते हो सकें। लेकिन अगर टैक्स की यह कानूनी लड़ाई विभाग जीत जाता है, तो बजट से मिलने वाली राहत बेअसर हो सकती है।