Smartphone Privacy : आपके सोने के बाद भी जागता है आपका स्मार्टफोन, रात के अंधेरे में क्या करता है आपका फोन? जानें प्राइवेसी का खतरा

News India Live, Digital Desk: क्या आपने कभी गौर किया है कि रात को सोते समय जब आप अपने फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे होते, तब भी सुबह उठने पर उसकी बैटरी 5 से 10 प्रतिशत तक कम मिलती है? अगर आपको लगता है कि आपका स्मार्टफोन आपके साथ सो जाता है, तो आप गलत हैं। हकीकत यह है कि जब आप गहरी नींद में होते हैं, तब आपका फोन पर्दे के पीछे कई ऐसी गतिविधियां कर रहा होता है जो न केवल आपकी बैटरी खत्म करती हैं, बल्कि आपकी निजी जानकारी (Privacy) के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर सकती हैं। आइए जानते हैं डिजिटल दुनिया का वह सच, जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे।बैकग्राउंड में चलता है ‘डेटा का खेल’स्मार्टफोन कंपनियां और ऐप्स ‘बैकग्राउंड सिंक’ (Background Sync) फीचर का इस्तेमाल करती हैं। रात के समय, जब इंटरनेट ऑन होता है, तो आपके फोन के ऐप्स सर्वर के साथ डेटा एक्सचेंज करते हैं। इसमें आपके ईमेल अपडेट करना, क्लाउड पर फोटोज का बैकअप लेना और ऐप अपडेट्स शामिल हैं। लेकिन खतरनाक बात यह है कि कुछ थर्ड-पार्टी ऐप्स इस समय आपकी लोकेशन हिस्ट्री, कॉन्टैक्ट्स और ब्राउजिंग डेटा को विज्ञापन कंपनियों के साथ साझा कर सकते हैं। यह सब इतनी खामोशी से होता है कि यूजर को इसका पता भी नहीं चलता।सेंसर और माइक्रोफोन की ‘जासूसी’?कई सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ संदिग्ध ऐप्स रात के समय फोन के सेंसर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें ‘एक्सेलेरोमीटर’ (जो आपकी गतिविधियों को ट्रैक करता है) और ‘माइक्रोफोन’ शामिल हैं। हालांकि कंपनियां इससे इनकार करती हैं, लेकिन अक्सर देखा गया है कि रात में की गई किसी बातचीत के आधार पर सुबह आपको फेसबुक या इंस्टाग्राम पर विज्ञापन दिखने लगते हैं। रात के सन्नाटे में फोन का एक्टिव रहना आपकी प्राइवेसी में बड़ी सेंध लगा सकता है।बैटरी और प्रोसेसर पर पड़ता है बुरा असररात भर फोन का एक्टिव रहना न केवल डेटा के लिए बुरा है, बल्कि यह आपके डिवाइस की उम्र भी कम करता है। बैकग्राउंड प्रोसेस के कारण प्रोसेसर लगातार काम करता रहता है, जिससे फोन हल्का गर्म हो सकता है। यह ‘बैटरी साइकिल’ को तेजी से खत्म करता है, जिससे कुछ ही महीनों में फोन का बैटरी बैकअप गिरने लगता है। इसके अलावा, अगर कोई मालवेयर (वायरस) आपके फोन में है, तो वह रात के समय ही अपनी गतिविधियां तेज करता है ताकि यूजर को शक न हो।खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये 3 जादुई टिप्सअपने डेटा और प्राइवेसी को बचाने के लिए आपको कुछ आसान कदम उठाने चाहिए। सबसे पहले, रात को सोते समय ‘एयरप्लेन मोड’ ऑन करने की आदत डालें या कम से कम इंटरनेट (Wi-Fi/Data) बंद कर दें। दूसरा, फोन की सेटिंग्स में जाकर ‘Background App Refresh’ को केवल जरूरी ऐप्स के लिए ही ऑन रखें। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण, सोते समय अपने फोन को अपने सिर के पास न रखें; इसे कम से कम 3-5 फीट की दूरी पर रखें ताकि रेडिएशन का असर कम हो और आपकी नींद में खलल न पड़े।