Summer Fruit Safety : कहीं आप भी तो नहीं खा रहे जहर? बाजार से आम खरीदने से पहले अपनाएं ये 5 जादुई ट्रिक्स

News India Live, Digital Desk: तपती गर्मी के बीच अगर किसी चीज का सबसे ज्यादा इंतजार रहता है, तो वह है ‘फलों का राजा’ आम। इसकी मिठास और खुशबू हर किसी को दीवाना बना देती है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाले चमकते हुए पीले आम आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं? भारी मांग को पूरा करने के लिए कई व्यापारी आमों को कैल्शियम कार्बाइड जैसे घातक रसायनों से पका रहे हैं। ऐसे में यह पहचानना बेहद जरूरी है कि आप जो आम घर ला रहे हैं, वह प्राकृतिक रूप से पका है या रसायनों के दम पर। आइए जानते हैं वे आसान तरीके जिनसे आप मिलावटी आमों की पहचान कर सकते हैं।रंग की चमक में न फंसें, ऐसे पहचानें असली आमअक्सर हम बहुत ज्यादा पीले और बेदाग दिखने वाले आमों की ओर खिंचे चले जाते हैं। लेकिन यही सबसे बड़ी गलती है। प्राकृतिक रूप से पका हुआ आम पूरी तरह से एक ही रंग का नहीं होता; उसमें कहीं-कहीं हरापन या हल्का पीलापन नजर आता है। इसके विपरीत, अगर आम हर तरफ से एक समान गाढ़ा पीला दिख रहा है, तो समझ लीजिए कि इसे केमिकल के जरिए पकाया गया है। रसायनों से पके आमों पर अक्सर सफेद या काले धब्बे भी नजर आ सकते हैं, जिन्हें देखकर आपको तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।पानी में डुबोकर करें ‘वाटर टेस्ट’केमिकल वाले आम को पहचानने का सबसे सटीक और आसान तरीका है ‘वाटर टेस्ट’। एक बाल्टी में पानी भरें और उसमें खरीदे गए आम डाल दें। अगर आम पानी में पूरी तरह डूब जाते हैं, तो इसका मतलब है कि वे प्राकृतिक रूप से पके हैं और रसीले हैं। लेकिन, अगर आम पानी की सतह पर तैरने लगें, तो सावधान हो जाएं। रसायनों से पकाए गए आम हल्के होते हैं और उनमें नेचुरल जूस की कमी होती है, जिसके कारण वे पानी में नहीं डूबते।खुशबू और स्वाद से खुलेगी पोलआम अपनी भीनी-भीनी और तेज खुशबू के लिए जाना जाता है। जब आप प्राकृतिक रूप से पके आम को सूंघेंगे, तो उसकी डंठल के पास से एक मीठी महक आएगी। वहीं, केमिकल से पके आमों में या तो कोई महक नहीं होती या फिर उनसे अजीब सी दवा (फास्फोरस जैसी) की गंध आती है। स्वाद की बात करें तो नेचुरल आम खाने पर मुंह में मिठास का अहसास कराते हैं, जबकि केमिकल वाले आम खाने पर गले में हल्की जलन महसूस हो सकती है और उनका स्वाद भी फीका या बेस्वाद हो सकता है।छूने पर कड़क और भीतर से सफेदएक और जरूरी पहचान यह है कि प्राकृतिक रूप से पका आम छूने पर नरम और लचीला महसूस होता है। वहीं, कार्बाइड से पकाए गए आम ऊपर से तो पीले दिखते हैं, लेकिन दबाने पर वे कहीं से बहुत सख्त तो कहीं से बहुत ज्यादा पिलपिले हो सकते हैं। काटने पर असली आम का गूदा गहरा पीला या केसरिया नजर आएगा, जबकि रसायनों से जबरन पकाए गए आम अंदर से सफेद या हल्के पीले दिखाई देते हैं।