T20 World Cup: चेपॉक में अब नहीं गूंजेगा ‘व्हिसल पोडू’! न्यूजीलैंड-अफगानिस्तान मैच में सीटी ले जाने पर बैन, जानें क्या है सियासी कनेक्शन

स्पोर्ट्स डेस्क, चेन्नई। टी20 वर्ल्ड कप के महाकुंभ की शुरुआत के साथ ही क्रिकेट फैंस का जोश सातवें आसमान पर है। लेकिन चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले से पहले एक चौंकाने वाला फैसला सामने आया है। चेन्नई पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए स्टेडियम के भीतर सीटी (Whistle) ले जाने और बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।चेन्नई में क्रिकेट का मतलब ही ‘व्हिसल पोडू’ (Whistle Podu) माना जाता है, ऐसे में पुलिस के इस फरमान ने हजारों फैंस को हैरान कर दिया है।चुनाव चिन्ह बना बैन की वजह?दरअसल, इस प्रतिबंध के पीछे खेल से ज्यादा राजनीतिक कारण माने जा रहे हैं। हाल ही में चुनाव आयोग ने अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलगा वेत्री कजगम (TVK) को आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए आधिकारिक चुनाव चिन्ह के रूप में ‘सीटी’ आवंटित की है।प्रशासन को आशंका है कि मैच के दौरान हजारों दर्शकों द्वारा सीटी बजाने को राजनीतिक प्रचार या शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा सकता है, जिससे चुनाव आचार संहिता और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि पुलिस ने इसे प्रतिबंधित सामानों की सूची में डाल दिया है।फैंस में नाराजगी, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहसचेपॉक में सीटी पर बैन लगने से फैंस काफी खफा हैं। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और ‘थाला’ महेंद्र सिंह धोनी के फैंस के लिए सीटी बजाना एक परंपरा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने लिखा, “चेन्नई में क्रिकेट और सीटी को अलग नहीं किया जा सकता। अगर आईपीएल में भी ऐसा हुआ तो फैंस का गुस्सा फूट पड़ेगा।”TVK का पलटवार: ‘सरकार खुद फाउल खेल रही है’विजय की पार्टी TVK ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है। पार्टी प्रवक्ता फेलिक्स गेराल्ड ने कहा, “दुनिया भर में खेलों में सीटी बजाना उत्साह का प्रतीक है। क्या सीटी कोई गैरकानूनी चीज है? दरअसल, सीटी का इस्तेमाल फाउल खेल रोकने के लिए होता है, लेकिन यहां सरकार खुद फाउल खेल रही है।”TNCA ने झाड़ा पल्ला, पुलिस का है फैसलाइस पूरे विवाद पर तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (TNCA) ने स्थिति स्पष्ट की है। एसोसिएशन ने कहा कि स्टेडियम में सीटी पर बैन लगाने का निर्णय उनका नहीं, बल्कि पूरी तरह चेन्नई पुलिस का है। चेपॉक प्रबंधन ने यह भी साफ किया कि इस प्रतिबंध का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) या बीसीसीआई (BCCI) के नियमों से कोई लेना-देना नहीं है।आमतौर पर स्टेडियम में बोतल, पावर बैंक और छाते जैसी चीजों पर पाबंदी होती है, लेकिन राजनीतिक कारणों से सीटी पर लगा यह बैन क्रिकेट इतिहास के सबसे अनोखे फैसलों में से एक बन गया है।