Trump vs Iran: ‘नष्ट कर देंगे पावर प्लांट’, ट्रंप की खौफनाक धमकी पर भड़का ईरान, होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए रख दी ये बड़ी शर्त!

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब महायुद्ध की दहलीज पर पहुंच चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दी गई ‘नर्क में भेजने’ वाली चेतावनी के बाद अब ईरान ने भी तीखा पलटवार किया है। ईरान के एक शीर्ष अधिकारी ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया है कि रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) तब तक नहीं खोला जाएगा, जब तक कि युद्ध के दौरान हुए भारी वित्तीय नुकसान की पाई-पाई की भरपाई नहीं हो जाती।ट्रंप की बौखलाहट और ईरान का तीखा जवाबईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के कार्यालय में संचार उप प्रमुख मेहदी तबताबाई ने ट्रंप पर सीधा और तीखा हमला बोला है। उन्होंने ट्रंप के हालिया बयानों को बेहद निराशा और बौखलाहट का नतीजा बताया। तबताबाई ने चेतावनी दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति के ये भड़काऊ शब्द और धमकियां इस पूरे क्षेत्र में पूरी तरह से युद्ध जैसी विनाशकारी स्थिति पैदा कर रहे हैं। दरअसल, ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ईरान को जलडमरूमध्य खोलने के लिए मंगलवार रात 8:00 बजे (ईस्टर्न टाइम) का सख्त अल्टीमेटम दिया है, जो तेहरान के समयानुसार बुधवार तड़के 3:30 बजे खत्म होने वाला है।जहाजों से वसूले गए टोल टैक्स से होगी नुकसान की भरपाईईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अपनी शर्त पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट कर दी है। तबताबाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ऐलान किया कि यह जलडमरूमध्य अब तभी खुलेगा जब एक नई कानूनी व्यवस्था लागू होगी। इस नई व्यवस्था के तहत, इस रास्ते से गुजरने वाले सभी विदेशी जहाजों से टोल या शुल्क वसूला जाएगा और उसी पैसे से युद्ध से हुए नुकसान की पूरी भरपाई की जाएगी। हालांकि, ईरान के इस विवादास्पद कदम की दुनिया भर की सरकारों और शिपिंग एक्सपर्ट्स ने कड़ी निंदा की है।संयुक्त राष्ट्र में ईरान की गुहार- ‘कल बहुत देर हो जाएगी’ट्रंप के भड़काऊ पोस्ट और धमकियों के बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) में मौजूद ईरानी मिशन ने भी कड़ा ऐतराज जताया है। मिशन ने ट्रंप के बयान को नागरिकों के जीवन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को तबाह करने की ‘खुली धमकी’ करार दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत दखल देने की मांग करते हुए ईरान ने कहा कि ऐसे भयानक युद्ध अपराधों को रोकना सभी देशों की कानूनी जिम्मेदारी है। ईरानी मिशन ने सख्त लहजे में कहा कि दुनिया को अभी एक्शन लेना चाहिए, वरना कल बहुत देर हो जाएगी।ट्रंप का विनाशकारी अल्टीमेटम: नहीं बचेगा कोई पुल या पावर प्लांटआपको बता दें कि वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए अपने एक ताजा इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को विनाशकारी परिणाम भुगतने की सीधी चेतावनी दी थी। ट्रंप ने खुलेआम कहा था कि अगर मंगलवार शाम तक ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से शुरू नहीं करता है, तो उसके देश में कोई भी पावर प्लांट या पुल खड़ा नहीं बचेगा। इस पूरी तनातनी से यह साफ हो गया है कि जहां वाशिंगटन सीधे सैन्य कार्रवाई पर उतारू है, वहीं तेहरान भी भारी मुआवजे की अपनी जिद पर अड़ा हुआ है, जिससे पूरी दुनिया की सांसें अटक गई हैं।