UP DElEd Admission 2026: यूपी डीएलएड में प्रवेश का आखिरी मौका, संस्था विकल्प और काउंसलिंग का संशोधित शेड्यूल जारी; 7 अक्टूबर तक भरें चॉइस

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने की राह देख रहे हजारों डीएलएड (पूर्व में बीटीसी) अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी (ERA), उत्तर प्रदेश, प्रयागराज की ओर से अंतिम और बड़ा अवसर दिया गया है। सत्र 2026 में प्रवेश के लिए पूर्व में आयोजित पहले और दूसरे चरण की काउंसलिंग के बाद भी निजी व डायट संस्थानों में रिक्त रह गई सीटों को भरने के लिए संशोधित समय-सारणी जारी कर दी गई है। कार्यालय को अभ्यर्थियों और शिक्षक संघों से लगातार मिल रहे अनुरोधों के मद्देनजर शासन के निर्देश पर यह विशेष फेज-3 काउंसलिंग विंडो खोली गई है। इसके तहत स्टेट रैंक 01 से लेकर 1,52,202 तक के उन सभी अभ्यर्थियों को कॉलेज विकल्प भरने की अनुमति दी गई है, जिन्हें पहले और दूसरे चरण में कोई संस्थान आवंटित नहीं हो सका था या जिन्होंने पूर्व में संस्था का चयन नहीं किया था। आधिकारिक पोर्टल updeled.gov.in पर संस्था विकल्प भरने की लिंक सक्रिय है और अभ्यर्थियों के पास प्रक्रिया पूरी करने के लिए 7 अक्टूबर तक का सीमित समय उपलब्ध है।
संशोधित शेड्यूल: चॉइस फिलिंग, सीट अलॉटमेंट और रिपोर्टिंग की महत्वपूर्ण तारीखें
अभ्यर्थियों की सहूलियत के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने चरणबद्ध तिथियों का स्पष्ट ब्योरा जारी किया है:
-
संस्थान का विकल्प (Choice Filling) भरने की समय-सीमा: 05 अक्टूबर से 07 अक्टूबर (सायं 06:00 बजे तक)।
-
संस्था आवंटन परिणाम (Seat Allotment Result) की घोषणा: 08 अक्टूबर।
-
आवंटित संस्थान में दस्तावेज सत्यापन (DV) एवं प्रवेश की प्रक्रिया: 09 अक्टूबर से 14 अक्टूबर (सायं 05:00 बजे तक)।
-
प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रवेशित छात्रों का डेटा ऑनलाइन लॉक करने की अंतिम तारीख: 15 अक्टूबर।प्राधिकरण ने साफ किया है कि 7 अक्टूबर की शाम के बाद पोर्टल स्वतः बंद हो जाएगा, जिसके बाद इस सत्र के लिए किसी भी नए चरण की काउंसलिंग आयोजित नहीं की जाएगी।
रिक्त सीटों के लिए नियमों में बदलाव: अनारक्षित सीटों में बदली गईं खाली सीटें
इस अंतिम चरण की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि शासन के नियमों के तहत आरक्षित श्रेणी (ओबीसी, एससी, एसटी और विशेष आरक्षण वर्ग) की जो सीटें पूर्व चरणों में खाली रह गई थीं, उन्हें नियमानुसार अनारक्षित (General/Unreserved) सीटों में परिवर्तित कर दिया गया है। इससे सामान्य वर्ग के साथ-साथ सभी श्रेणियों के मेरिटधारी अभ्यर्थियों के लिए पसंदीदा कॉलेज पाने की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं। लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, मेरठ, वाराणसी और गोरखपुर के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) सहित प्रदेश के सभी स्ववित्तपोषित निजी कॉलेजों में बची हुई सीटों का पूरा विवरण आधिकारिक वेबसाइट पर 'Vacant Seats' लिंक के जरिए उपलब्ध करा दिया गया है, ताकि छात्र सीटों की उपलब्धता देखकर अपने विकल्पों की वरीयता तय कर सकें।
ऑनलाइन चॉइस फिलिंग और कॉलेज लॉक करने की चरणबद्ध प्रक्रिया
अभ्यर्थी घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से इन आसान चरणों में अपने पसंदीदा संस्थानों का चयन कर सकते हैं:
-
सबसे पहले यूपी डीएलएड की आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर जाएं।
-
होमपेज पर उपलब्ध 'D.El.Ed Admission' टैब के अंतर्गत 'Choice Filling' विकल्प पर क्लिक करें।
-
निर्धारित बॉक्स में अपना कोर्स, रजिस्ट्रेशन नंबर, वन-टाइम पिन (OTP) और कैप्चा कोड दर्ज करके लॉगिन करें।
-
यदि पूर्व में ₹5,000 का अनिवार्य अग्रिम अलॉटमेंट शुल्क जमा नहीं किया है, तो ऑनलाइन माध्यम से इसका भुगतान पूरा करें।
-
स्क्रीन पर दिख रही संस्थानों की सूची में से अधिक से अधिक कॉलेजों को अपनी प्राथमिकता के क्रम में जोड़ें।
-
विकल्पों को भली-भांति जांचने के बाद 'Lock Choices' पर क्लिक करें और भरे गए फॉर्म का प्रिंट आउट भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें। यदि अभ्यर्थी समय सीमा तक विकल्प लॉक नहीं करते हैं, तो सिस्टम अंतिम सेव किए गए विकल्पों को स्वतः लॉक कर देगा।
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन अलर्ट
सीट आवंटन के बाद छात्रों को दाखिला सुनिश्चित कराने के लिए कई सख्त सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। 8 अक्टूबर को अलॉटमेंट रिजल्ट आने के बाद चयनित छात्र तुरंत अपना अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड करें। इसके बाद 09 से 14 अक्टूबर के बीच संबंधित कॉलेज में जाकर हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन की मूल अंकतालिकाएं, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, विशेष आरक्षण सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट का भौतिक सत्यापन करवाएं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि संबंधित संस्थान द्वारा 15 अक्टूबर तक छात्र का प्रवेश राज्य स्तरीय पोर्टल पर ऑनलाइन लॉक किया जाना अनिवार्य है। यदि कॉलेज प्रशासन तय तिथि तक आपका एडमिशन पोर्टल पर ऑनलाइन लॉक नहीं करता है, तो आपका दाखिला अमान्य घोषित हो जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी छात्र और संस्थान की होगी।