UP Paper Leak Prevention: यूपी में भर्ती परीक्षाएं होंगी और ज्यादा फुलप्रूफ, पेपर लीक रोकने के लिए योगी सरकार ने खोले खजाने

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से अचूक (Full-proof) बनाने के लिए खजाना खोल दिया है। हाल ही में पेश किए गए अनुपूरक बजट के जरिए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को कुल 66 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी की गई है। इस फंड का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाना और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान आने वाली तकनीकी बाधाओं को हमेशा के लिए खत्म करना है।
यूपीएसएसएससी के लिए मजबूत आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्वर और सॉफ्टवेयर पर खर्च होंगे 20 करोड़
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की वेबसाइट पर परीक्षा के वक्त या फॉर्म भरते समय आने वाले अत्यधिक ट्रैफिक (High Traffic) और सर्वर क्रैश होने की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को अत्याधुनिक बनाने के लिए अनुपूरक बजट में 20.19 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। इस बजट की मदद से नए कंप्यूटर हार्डवेयर, पावरफुल सर्वर और जरूरी सॉफ्टवेयर खरीदे जाएंगे। इस पूरी तकनीकी व्यवस्था को उत्तर प्रदेश विकास प्रणाली निगम लिमिटेड (UPDESCO) के माध्यम से विकसित किया जाएगा, जिससे भविष्य में लाखों उम्मीदवार बिना किसी सर्वर एरर के एक साथ आसानी से अपना आवेदन कर सकेंगे और परीक्षा परिणाम देख सकेंगे।
यूपीपीएससी की गोपनीयता के लिए ‘गुप्त सेवा व्यय’ के तहत मिले 46 करोड़
भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह से सुरक्षित, पारदर्शी और गोपनीय बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को विशेष रूप से ‘गुप्त सेवा व्यय’ (Secret Service Expenditure) के मद में 46.19 करोड़ रुपये दिए गए हैं। पिछले कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों में सामने आई पेपर लीक की घटनाओं से सबक लेते हुए योगी सरकार परीक्षा तंत्र की सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त हो चुकी है। इस राशि का उपयोग पूरी तरह से परीक्षाओं की आंतरिक गोपनीयता, पेपर छपाई से लेकर वितरण तक की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए किया जाएगा। सरकार का यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि प्रदेश के मेहनती युवाओं का भविष्य अब किसी भी हाल में सुरक्षित हाथों में रहे।
खादी, हथकरघा और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए भी 140 करोड़ का बड़ा प्रावधान
परीक्षाओं के अलावा अनुपूरक बजट में पारंपरिक उद्योगों, हथकरघा और वस्त्रोद्योग (Textile Sector) को बढ़ावा देने के लिए 140 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है। एमएसएमई और खादी मंत्री राकेश सचान ने जानकारी दी कि इस राशि से प्रदेश में आधुनिक टेक्सटाइल पार्कों का विकास किया जाएगा, बुनकर प्रोत्साहन योजनाओं का विस्तार होगा तथा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के पूंजीगत कार्यों को गति मिलेगी। इस कदम से राज्य के पारंपरिक कारीगरों, बुनकरों और उद्यमियों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी और उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।