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Uric Acid Symptoms & Diet: क्या है यूरिक एसिड और क्यों लोग शुरुआत में इसे समझ लेते हैं मामूली दर्द? जानें बढ़ने की वजह और खतरनाक फूड्स

आज के दौर में खराब लाइफस्टाइल और गड़बड़ खानपान के कारण हाई यूरिक एसिड (High Uric Acid / Hyperuricemia) लोगों के लिए एक बेहद गंभीर और दर्दनाक समस्या बनता जा रहा है। विडंबना यह है कि शुरुआती दिनों में लोग इसे महज थकान या सामान्य जोड़ों का दर्द (Joint Pain) समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

लेकिन धीरे-धीरे यह दर्द इतना भयानक रूप ले लेता है कि प्रभावित जोड़ों में सुई चुभने जैसी असहनीय कड़वाहट और सूजन होने लगती है। जब पानी सिर से ऊपर चला जाता है और मरीज डॉक्टर के पास पहुंचता है, तब ब्लड टेस्ट में पता चलता है कि शरीर में यूरिक एसिड का लेवल खतरे के निशान को पार कर चुका है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर यूरिक एसिड क्या है, लोग इसे शुरुआत में इग्नोर क्यों करते हैं और किन चीजों को खाने से यह तेजी से बढ़ता है।

आखिर क्या है यूरिक एसिड? इसके पीछे का विज्ञान

यूरिक एसिड हमारे शरीर में बनने वाला एक तरह का स्वाभाविक अपशिष्ट पदार्थ (Waste Product) है। जब हमारा शरीर भोजन में मौजूद 'प्यूरीन' (Purine) नाम के प्रोटीन तत्व को तोड़ता (Digest) है, तो बाय-प्रोडक्ट के रूप में यूरिक एसिड बनता है।

सामान्य स्थिति में हमारी किडनी (Kidney) इस यूरिक एसिड को ब्लड से फिल्टर करके यूरिन (पेशाब) के रास्ते शरीर से बाहर निकाल देती है। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब:

  1. हम अपनी डाइट में बहुत ज्यादा प्यूरीन युक्त फूड्स खाने लगते हैं, जिससे शरीर में यूरिक एसिड जरूरत से ज्यादा बनने लगता है।

  2. हमारी किडनी कमजोर या धीमी पड़ जाती है और इसे पर्याप्त मात्रा में शरीर से बाहर नहीं निकाल पाती।

ऐसी स्थिति में यह टॉक्सिक कचरा खून में घुलने लगता है और धीरे-धीरे हड्डियों के जोड़ों (खासकर पैर के अंगूठे, टखनों, घुटनों और उंगलियों) के बीच जाकर छोटे-छोटे नुकीली आकृति के क्रिस्टल्स (Urate Crystals) के रूप में जमा हो जाता है। ये क्रिस्टल सुई की तरह चुभते हैं, जिससे जोड़ों में गंभीर गाउट (Gout/गठिया) की बीमारी पैदा होती है।

लोग शुरुआत में क्यों इग्नोर कर देते हैं इसके लक्षण?

पैरानोइया या किसी अन्य बीमारी की तरह जागरूकता की कमी के कारण लोग यूरिक एसिड के शुरुआती अलार्म को समझ नहीं पाते। इसके पीछे ये दो मुख्य कारण हैं:

  • मामूली दर्द मान लेना: शुरुआत में यह दर्द लगातार नहीं होता। कभी पैरों में हल्का दर्द हुआ और बाम लगाने या आराम करने पर ठीक हो गया। लोग इसे मांसपेशियों का खिंचाव या सामान्य थकान समझकर महीनों तक टालते रहते हैं, जो बाद में क्रॉनिक गाउट बन जाता है।

  • चोट या मोच का भ्रम: जोड़ों में होने वाली अचानक चुभन और लालिमा को लोग अक्सर यह मान लेते हैं कि चलते-फिरते कोई हल्की मोच आ गई होगी या कोई पुरानी अंदरूनी चोट उभर आई होगी। सही समय पर यूरिक एसिड टेस्ट (Serum Uric Acid Test) न कराने से हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं।

किन फूड्स को खाने से रॉकेट की रफ्तार से बढ़ता है यूरिक एसिड?

अगर आप यूरिक एसिड की समस्या से बचना चाहते हैं या पहले से इसके मरीज हैं, तो आपको हाई-प्यूरीन वाले निम्नलिखित फूड्स से तुरंत दूरी बना लेनी चाहिए या उनका सेवन सीमित कर देना चाहिए:

फूड कैटेगरी नुकसानदेह चीजें (High Purine Foods)
नॉन-वेज रेड मीट (मटन, बीफ), ऑर्गन मीट (लीवर) और सी-फूड्स (मछली, झींगा)
शुगरी ड्रिंक्स पैकेज्ड जूस, कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा और अत्यधिक चीनी वाले प्रोसेस्ड फूड्स
रिफाइंड कार्ब्स मैदा से बनी चीजें (ब्रेड, पास्ता, पिज्जा, बिस्कुट) और बेकरी आइटम्स
पैकेज्ड स्नैक्स डिब्बाबंद फूड्स, प्रिजर्वेटिव्स वाले रेडी-टू-ईट मील्स और चिप्स
कुछ सब्जियां व दालें पालक, मशरूम, हरी मटर, फूलगोभी और छिलके वाली कुछ भारी दालें

नोट: इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इन चीजों को खाने से हर सामान्य व्यक्ति का यूरिक एसिड बढ़ जाएगा। हरी सब्जियां और दालें सेहत के लिए अच्छी होती हैं, लेकिन यदि आपकी मेडिकल रिपोर्ट में यूरिक एसिड पहले से ही बढ़ा हुआ आया है, तो आपको अपने डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार इन विशिष्ट फूड्स का सेवन तुरंत बंद या कम कर देना चाहिए।

बढ़े हुए यूरिक एसिड को कम करने के 3 आसान उपाय

  • भरपूर पानी पिएं: दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पिएं। पानी आपके ब्लड से अतिरिक्त यूरिक एसिड को डाइल्यूट करके किडनी के जरिए बाहर निकालने में सबसे ज्यादा मदद करता है।

  • विटामिन सी (Vitamin C) लें: संतरा, नींबू, आंवला और मौसमी जैसे खट्टे फलों का सेवन बढ़ाएं। चिकित्सा शोधों के अनुसार, विटामिन सी यूरिक एसिड के स्तर को प्राकृतिक रूप से कम करने में मददगार होता है।

  • वजन नियंत्रित रखें: मोटापा और बढ़ा हुआ फैट यूरिक एसिड की समस्या को कई गुना बढ़ा देता है। इसलिए रोजाना 30 मिनट वॉक, योग या एक्सरसाइज जरूर करें।

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