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US-Iran War Impact: मिडिल ईस्ट की जंग में अब तक 8 भारतीयों ने गंवाई जान, 5.5 लाख की वतन वापसी; विदेश मंत्रालय ने जारी किया बड़ा अपडेट

ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी विनाशकारी युद्ध को एक महीना पूरा हो चुका है। इस वैश्विक संघर्ष की तपिश से भारत भी अछूता नहीं रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में अलग-अलग घटनाओं में अब तक 8 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है। सोमवार को कुवैत के एक बिजली और वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट पर हुए ईरानी हमले में एक और भारतीय कर्मचारी की जान जाने के बाद हड़कंप मच गया है। भारत सरकार स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लगातार अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी है।कुवैत और सऊदी अरब में भारतीय नागरिकों की मौतदिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन ने बताया कि हाल ही में कुवैत में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मृत्यु हुई है। उन्होंने कहा कि कुवैत में स्थित भारतीय दूतावास मृतक के परिवार के निरंतर संपर्क में है और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर शव को जल्द से जल्द भारत लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके अलावा, सऊदी अरब के रियाद में भी 18 मार्च को हुई एक घटना में एक अन्य भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि की गई है।’ऑपरेशन वतन वापसी’: अब तक 5.5 लाख भारतीयों का रेस्क्यूयुद्ध के मैदान में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए भारत सरकार ने दुनिया का सबसे बड़ा निकासी अभियान छेड़ रखा है। 28 फरवरी 2026 से अब तक करीब 5.5 लाख लोग युद्ध प्रभावित खाड़ी क्षेत्रों से सुरक्षित भारत वापस आ चुके हैं। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि संघर्ष वाले इलाकों में हालात दिन-ब-दिन चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं, फिर भी जो लोग वहां फंसे हैं, उन्हें निकालने के लिए हर संभव कूटनीतिक और लॉजिस्टिक प्रयास किए जा रहे हैं।पीएम मोदी ने की शांति की अपील, सऊदी क्राउन प्रिंस से की बातभारत ने इस वैश्विक संकट पर अपना रुख साफ करते हुए कूटनीतिक बातचीत और शांति पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने समुद्री रास्तों (Shipping Routes) को सुरक्षित बनाए रखने और ऊर्जा ढांचे पर हमलों को रोकने पर सहमति जताई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है ताकि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को खतरा न पहुंचे।छात्रों और कामगारों के लिए 24 घंटे अलर्ट पर कंट्रोल रूमविदेश मंत्रालय ने प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। इसके लिए दिल्ली में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जो 24 घंटे काम कर रहा है। खाड़ी देशों में पढ़ रहे सीबीएसई, आईसीएसई और केरल बोर्ड के छात्रों की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए दूतावास विशेष कदम उठा रहे हैं। साथ ही जेईई (JEE) और नीट (NEET) की तैयारी कर रहे छात्रों को भी आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है। दूतावासों ने वहां रह रही भारतीय कंपनियों और नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी भी जारी की है।

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