Delhi-Dehradun Expressway : 14 अप्रैल को PM मोदी देंगे बड़ी सौगात, दिल्ली से देहरादून का सफर अब घंटों में, जानें यूपी में रूट डायवर्जन प्लान

News India Live, Digital Desk : पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 14 अप्रैल को बहुप्रतीक्षित ‘दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे’ का भव्य उद्घाटन करने जा रहे हैं। इस एक्सप्रेस-वे के चालू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी महज 2.5 से 3 घंटे में सिमट जाएगी। उद्घाटन समारोह की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर है। पीएम के दौरे और सुरक्षा कारणों के चलते गाजियाबाद, बागपत और मेरठ के कई हिस्सों में ट्रैफिक रूट डायवर्जन लागू किया गया है, ताकि कार्यक्रम में कोई बाधा न आए और आम जनता को असुविधा कम से कम हो।यूपी के इन जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस-वे, कम होगा ट्रैफिक का बोझदिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का एक बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश के बागपत, शामली और सहारनपुर जिलों से होकर गुजरता है। इस नए रूट के शुरू होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पुराने दिल्ली-मेरठ और दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव भी काफी कम हो जाएगा। एक्सप्रेस-वे को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जिसमें वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एशिया का सबसे बड़ा ‘एलिवेटेड कॉरिडोर’ भी शामिल है। 14 अप्रैल को पीएम मोदी एक जनसभा को भी संबोधित कर सकते हैं, जिसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।सावधान! घर से निकलने से पहले देख लें रूट डायवर्जन प्लानपीएम मोदी के आगमन और उद्घाटन समारोह को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने यातायात व्यवस्था में भारी बदलाव किए हैं। 14 अप्रैल को सुबह से ही भारी वाहनों का प्रवेश एक्सप्रेस-वे से जुड़े कई रास्तों पर प्रतिबंधित रहेगा। गाजियाबाद से बागपत की ओर जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया है। वहीं, शामली और सहारनपुर की सीमाओं पर भी अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। अधिकारियों ने अपील की है कि यात्री असुविधा से बचने के लिए मैप और पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।पर्यटन और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तारयह एक्सप्रेस-वे केवल सड़क नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच व्यापारिक संबंधों के लिए एक नई जीवनरेखा साबित होगा। दिल्ली से हरिद्वार और देहरादून जाने वाले पर्यटकों के लिए अब सफर काफी सुगम हो जाएगा। एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की भी योजना है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उद्घाटन के बाद इस रूट पर टोल प्लाजा भी सक्रिय कर दिए जाएंगे। 14 अप्रैल का दिन वेस्ट यूपी के बुनियादी ढांचे के विकास में एक मील का पत्थर साबित होने वाला है।