Vietnam Boat Tragedy: वियतनाम नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों के शव पहुंचे वतन; मुंबई एयरपोर्ट पर उतरा वायुसेना का विशेष विमान

पश्चिम एशिया के तनाव के बीच पूर्वी एशिया से भी एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. वियतनाम के समुद्र तट के पास पिछले दिनों हुए एक भीषण नाव हादसे (Vietnam Boat Tragedy 2026) में अपनी जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर आज स्वदेश लौट आए हैं.
वियतनाम सरकार और भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के संयुक्त प्रयासों के बाद, मृतकों के शवों को लेकर भारतीय वायुसेना का एक विशेष विमान मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड हुआ है. इस हादसे ने पूरे देश को गमगीन कर दिया है और एयरपोर्ट पर सुरक्षा व प्रशासनिक अमले के साथ मृतकों के परिजन मौजूद हैं.
कैसे हुआ था यह दर्दनाक नाव हादसा?
विमानन और विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, यह भीषण हादसा वियतनाम के दक्षिणी तटीय प्रांत के पास समुद्र में हुआ था.
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खराब मौसम बना काल: ये सभी भारतीय नागरिक एक वाणिज्यिक क्रू और कुछ पर्यटक समूह का हिस्सा थे, जो एक स्थानीय नाव पर सवार थे. अचानक आए तीव्र समुद्री तूफान और ऊंची लहरों के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह समुद्र में पलट गई.
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बचाव अभियान: वियतनाम की नौसेना और कोस्ट गार्ड ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया था, जिसमें 15 भारतीयों के शव बरामद किए गए, जबकि कुछ अन्य विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया था.
मुंबई एयरपोर्ट पर भावुक कर देने वाले दृश्य; शव गृह भेजे गए पार्थिव शरीर
मुंबई एयरपोर्ट पर विमान के लैंड होते ही माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया. केंद्रीय मंत्रियों और महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधियों ने हवाई अड्डे पर पहुंचकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की.
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कड़े सुरक्षा इंतजाम: सीमा शुल्क (Customs) और इमिग्रेशन की कागजी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत पूरा किया गया.
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गृह राज्यों में भेजने की तैयारी: अधिकारियों ने बताया कि 15 मृतकों में से अधिकांश नाविक और टूरिस्ट महाराष्ट्र, गुजरात और केरल के रहने वाले थे. मुंबई एयरपोर्ट से एम्बुलेंस के जरिए शवों को उनके पैतृक गांवों और शहरों में भेजने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि परिजन उनका अंतिम संस्कार कर सकें.
विदेश मंत्रालय ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर; मुआवजे का एलान
भारत सरकार ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है. विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि हनोई (वियतनाम) में स्थित भारतीय दूतावास लगातार वहां के स्थानीय प्रशासन के संपर्क में था ताकि शवों की पहचान और कागजी कार्रवाई को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके. सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता और शवों को घर तक पहुंचाने का पूरा खर्च उठाने का एलान किया है.
जैसे म्यूचुअल फंड में अनिश्चितताओं से बचने के लिए बीमा जरूरी है, वैसे ही विदेश यात्रा पर जाने वाले भारतीयों के लिए विदेश मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की है कि वे हमेशा अपना पंजीकरण 'मदद' (MADAD) पोर्टल पर जरूर कराएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सरकार उन तक तुरंत पहुंच सके.