Wall Paint Vastu Rules: घर की दीवारों का रंग बदल सकता है आपकी किस्मत, जानिए वास्तु के अनुसार किस कमरे के लिए कौन सा रंग है सबसे शुभ

हम सब अच्छी तरह जानते हैं कि एक आदर्श घर सिर्फ ईंटों, सीमेंट, लोहे और पत्थरों के ढांचे से नहीं बनता। घर बनता है उसमें निवास करने वाले लोगों के आपसी प्रेम, सकारात्मक ऊर्जा और वहां के शांत माहौल से। भारतीय वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में रंगों को एक बहुत बड़ा और प्रभावी रोल दिया गया है, क्योंकि हर एक रंग की अपनी एक वेवलेंथ होती है जो सीधे तौर पर हमारे मूड, स्वभाव और मानसिक स्थिति को प्रभावित करती है।
वास्तु जगत के बड़े जानकार पंडित सतीश शर्मा ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'रंग और हमारा भाग्य' में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया है कि यदि घर के कमरों में दिशा और मिजाज के विपरीत गलत रंगों का चयन कर लिया जाए, तो बिना किसी ठोस वजह के भी घर में किचकिच (क्लेश) होने लगती है, मानसिक तनाव बढ़ता है और घर की बरकत रुक जाती है। वहीं, सही रंगों का चयन घर में सुख-समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली का संचार करता है। आइए बिना किसी घुमाव-फिराव के सीधे जानते हैं कि घर के किस हिस्से और कमरे में कौन सा रंग करवाना सबसे उत्तम रहता है।
लिविंग रूम (बैठक): मेहमानों को आकर्षित करेंगे ये हल्के और सकारात्मक रंग
सबसे पहले बात करते हैं हमारे घर के लिविंग रूम (Living Room) यानी बैठक की। यह घर का वह सबसे महत्वपूर्ण मुख्य हिस्सा होता है जहां परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर क्वॉलिटी टाइम बिताते हैं और बाहर से आने वाले मेहमानों का स्वागत भी यहीं किया जाता है। इसलिए इस स्थान का माहौल ऐसा ऊर्जावान होना चाहिए कि कदम रखते ही मन प्रसन्न हो जाए।
वास्तु नियमों के अनुसार, लिविंग रूम की दीवारों के लिए हल्का पीला, क्रीम, ऑफ-व्हाइट या हल्का गुलाबी (बेबी पिंक) रंग सबसे बेस्ट माना जाता है। ये हल्के रंग आंखों को बिल्कुल नहीं चुभते और कमरे में प्राकृतिक रोशनी को परावर्तित कर खुलापन और सकारात्मकता का अहसास कराते हैं। बैठक में भूलकर भी गहरा काला, डार्क ब्लू (गहरा नीला) या एकदम चटक लाल रंग नहीं करवाना चाहिए। ये भारी और गहरे रंग माहौल में अवसाद (Depression) लाते हैं और घर आने वालों के मन में बेवजह का तनाव पैदा कर सकते हैं।
बेडरूम (शयनकक्ष): दांपत्य जीवन में प्यार बढ़ाने के लिए चुनें ये शांत रंग
अब बात करते हैं बेडरूम की, जहां दिनभर की दुनियादारी, भागदौड़ और मानसिक थकान के बाद हम सुकून और चैन की नींद ढूंढने आते हैं। पति-पत्नी के वैवाहिक रिश्ते में आपसी प्रेम बना रहे और रात को बिना किसी व्यवधान के अच्छी नींद आए, इसमें बेडरूम के रंगों की बहुत बड़ी भूमिका होती है।
वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के मुताबिक, बेडरूम में हमेशा मन को शांत करने वाले पेस्टल और लाइट शेड्स का ही इस्तेमाल करना चाहिए। हल्का आसमानी, बेबी पिंक, क्रीम या हल्का हरा (लाइट ग्रीन) रंग यहां के लिए सबसे आदर्श और शुभ माना जाता है, क्योंकि ये रंग मस्तिष्क की नसों को रिलैक्स करते हैं। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि बेडरूम की मुख्य दीवार (Accent Wall) पर भी कभी चटक लाल या डार्क चॉकलेट वाला गहरा भूरा रंग न करवाएं। ये गहरे रंग स्वभाव में आक्रामकता और चिड़चिड़ापन लाते हैं, जिससे आपसी विवाद बढ़ सकता है।
रसोई घर (किचन): सेहत और तरक्की का पावरहाउस, काले रंग से पूरी तरह बचें
रसोईघर यानी हमारे किचन को घर की सेहत, ऊर्जा और आर्थिक तरक्की का मुख्य पावरहाउस माना जाता है। चूंकि किचन का सीधा संबंध 'अग्नि देव' (आग) से होता है, इसलिए यहां के रंगों का चुनाव करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
वास्तु के अनुसार, रसोई के लिए सबसे शुभ और फलदायी रंग नारंगी (ऑरेंज), हल्का लाल, पीला या क्रीम माना जाता है। ये रंग भूख बढ़ाने में सहायक होते हैं और घर में कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होने देते। किचन की दीवारों, टाइल्स या अलमारियों (Cabinets) पर कभी भी काला या डार्क ग्रे (गहरा स्लेटी) रंग भूलकर भी न करवाएं। ज्योतिष और वास्तु में काले रंग को राहु और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जो खाना बनाने वाले और उसे ग्रहण करने वाले, दोनों सदस्यों की सेहत को गंभीर रूप से बिगाड़ सकता है।
दिशाओं का खेल: कुबेर और सूर्य देव की कृपा पाने के लिए ऐसे चुनें रंग
वास्तु शास्त्र में हर दिशा का अपना एक तत्व और एक अधिपति देवता होता है, इसलिए कमरों की दिशा के हिसाब से रंगों का चयन करना सबसे सटीक परिणाम देता है:
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उत्तर दिशा (North): यदि आपके कमरे उत्तर दिशा में स्थित हैं, तो वहां हल्का नीला या हरा रंग करवाएं। यह धन के देवता कुबेर महाराज की दिशा है, और यहां यह रंग करवाने से कुबेर देव प्रसन्न होते हैं जिससे धन लाभ के योग बनते हैं।
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पूर्व दिशा (East): पूर्व दिशा के कमरों के लिए हल्का हरा या सफेद रंग सबसे सर्वोत्तम माना जाता है। इससे सूर्य देव की सकारात्मक और जीवनदायिनी ऊर्जा बिना किसी रुकावट के घर के भीतर प्रवेश करती है।
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दक्षिण दिशा (South): दक्षिण दिशा के कमरों के लिए हल्का गुलाबी, पीच या नारंगी रंग का चुनाव करना वास्तु सम्मत माना जाता है।
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पश्चिम दिशा (West): पश्चिम दिशा के कमरों के लिए सफेद, हल्का ग्रे या सिल्वर (चांदी जैसा) रंग चुनना सबसे उत्तम रहता है।
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ब्रह्मस्थान (घर का केंद्र): घर के बिल्कुल बीच वाले हिस्से (सेंटर पॉइंट) को हमेशा खाली, पूरी तरह साफ और सफेद या हल्के क्रीम रंग का रखना चाहिए, ताकि ब्रह्मांडीय सकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में समान रूप से फैल सके।