BREAKING

क्या आप भी बिना सोचे-समझे खा रहे हैं फिश ऑयल कैप्सूल? सेहत पर पड़ सकता है भारी, डॉक्टर से जानें इसके फायदे, नुकसान और सही तरीका

आजकल फिटनेस के दौर में फिश ऑयल कैप्सूल (Fish Oil Capsule) का सेवन तेजी से बढ़ रहा है, खासकर जिम जाने वाले युवा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इसका अंधाधुंध इस्तेमाल कर रहे हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन ए, डी और हेल्दी फैट्स से भरपूर मछली के तेल के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन करना आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। साओल हेल्थ सेंटर के मशहूर डॉक्टर बिमल छज्जर के अनुसार, फिश ऑयल हमारे शरीर के लिए कई मायनों में वरदान है, लेकिन इसकी ओवरडोज या गलत तरीके से सेवन करने पर शरीर बीमारियों का घर भी बन सकता है, क्योंकि हमारा शरीर खुद ओमेगा-3 नहीं बनाता है, इसलिए इसे सही मात्रा में लेना बेहद जरूरी है।

फिश ऑयल कैप्सूल खाने के शानदार फायदे

फिश ऑयल कैप्सूल के नियमित और संतुलित सेवन से शरीर को कई बड़े फायदे मिलते हैं। यह दिल की सेहत (Heart Health) के लिए बेहद फायदेमंद है, क्योंकि यह रक्त में ट्राइग्लिसराइड्स के बढ़े हुए स्तर को कम करने में मदद करता है और धमनियों की सूजन को घटाकर एक्स्ट्रा फैट को नियंत्रित करता है। इसके अलावा, आजकल आम हो चुकी नॉन-अल्कोहल फैटी लीवर की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी यह असरदार है, क्योंकि यह लीवर में जमे फैट को बाहर निकालने और सूजन कम करने में सहायक है। यह कैप्सूल लीवर सिरोसिस और फाइब्रोसिस के खतरे को भी कम करता है, जिससे डैमेज हो रही कोशिकाओं की मरम्मत में मदद मिलती है। इसके साथ ही, जोड़ों के दर्द, अर्थराइटिस (Arthritis) और हड्डियों की जकड़न से राहत पाने के साथ-साथ यह शरीर की जिद्दी चर्बी को घटाकर वजन को नियंत्रित करने में भी कारगर साबित होता है।

लापरवाही बरती तो हो सकते हैं खतरनाक साइड इफेक्ट्स

फिश ऑयल के जितने फायदे हैं, यदि इसकी ओवरडोज ली जाए तो इसके गंभीर नुकसान भी उठाने पड़ सकते हैं। यदि आप पहले से ही खून को पतला करने वाली दवाइयां ले रहे हैं, तो फिश ऑयल का सेवन भारी पड़ सकता है, क्योंकि ओमेगा-3 में एंटीथ्रॉम्बोटिक गुण होते हैं जो खून के थक्के जमने से रोकते हैं और ब्लीडिंग का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, ज्यादा गोलियां खाने से पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे अपच, गैस, पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हो सकती है। लगातार और अत्यधिक सेवन से शरीर में विटामिन ई की कमी होने लगती है, क्योंकि यह उसके अवशोषण को प्रभावित करता है। जिन लोगों को मछली या किसी भी प्रकार के सी-फूड से एलर्जी है, उन्हें फिश ऑयल कैप्सूल के सेवन से बचना चाहिए, वरना गंभीर एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है।

कैप्सूल लेने का सही तरीका और कब करें परहेज?

विशेषज्ञों के मुताबिक, फिश ऑयल कैप्सूल का सेवन हमेशा खाना खाने के बाद ही करना चाहिए, ताकि यह भोजन के फैट के साथ आसानी से शरीर में पच सके और पूरी तरह अब्जॉर्ब हो सके। हालांकि, अगर आपकी दैनिक डाइट में पर्याप्त मात्रा में मछली, अखरोट और अन्य ओमेगा-3 युक्त नट्स शामिल हैं, तो आपको ऊपर से फिश ऑयल कैप्सूल खाने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है, अन्यथा शरीर में इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाएगी। किसी भी तरह के नुकसान से बचने के लिए बेहतर यही है कि अपनी सेहत और शरीर की जरूरत के अनुसार डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका सेवन शुरू करें।

Back to top button