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अमेरिका में रंजीव पुरी ने रचा इतिहास: मिशिगन हाउस के पहले भारतीय-अमेरिकी स्पीकर बनकर बढ़ाया देश का मान

अमेरिका की राजनीति के गलियारों से भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए एक बेहद गर्व और ऐतिहासिक क्षण सामने आया है। वैश्विक राजनीति और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में लगातार अपनी मजबूत पकड़ बना रहे भारतीय मूल के नेताओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे अपनी मेहनत और दूरदर्शिता के दम पर किसी भी शिखर को छू सकते हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख और युवा नेता रंजीव पुरी (Ranjeev Puri) ने अमेरिकी राजनीति में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (Michigan House of Representatives) के नए स्पीकर के रूप में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 42 वर्षीय रंजीव पुरी इस प्रतिष्ठित और सर्वोच्च विधायी पद तक पहुंचने वाले इतिहास के पहले भारतीय-अमेरिकी नेता बन गए हैं। उनकी यह शानदार उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत राजनीतिक करियर का एक स्वर्णिम अध्याय है, बल्कि यह पूरी दुनिया में बसे प्रवासियों और विशेष तौर पर भारतीय समुदाय के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन गई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि रंजीव पुरी के इस ऐतिहासिक सफर के पीछे की कहानी क्या है और उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में किन पड़ावों को पार करते हुए इस मुकाम को हासिल किया है।

एक अप्रवासी परिवार से लेकर अमेरिकी राजनीति के शिखर तक का सफर

रंजीव पुरी की यह सफलता किसी परीकथा से कम नहीं है, जिसके पीछे उनके माता-पिता के कड़े संघर्ष और उनकी खुद की अटूट मेहनत की लंबी दास्तान जुड़ी है। पंजाबी मूल के अप्रवासी माता-पिता के घर जन्मे रंजीव पुरी का शुरुआती जीवन संघर्षों और नए माहौल में खुद को ढालने के बीच बीता। स्पीकर चुने जाने के बाद अपनी इस ऐतिहासिक और प्रेरणादायक यात्रा को याद करते हुए रंजीव पुरी काफी भावुक नजर आए।

उन्होंने सोशल मीडिया और आधिकारिक बयानों के जरिए अपने माता-पिता के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि जब उनके माता-पिता एक नए देश में आए थे, तब उन्होंने शायद कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनका बेटा अमेरिका की मुख्यधारा की राजनीति में इतनी बड़ी बाधाओं को पार करते हुए मिशिगन हाउस जैसे महत्वपूर्ण सदन का नेतृत्व करेगा। उन्होंने गर्व से कहा कि यही अमेरिका का असली और सच्चा वादा है, जहां कड़ी मेहनत करने वाले हर व्यक्ति को उसकी काबिलियत के आधार पर शीर्ष पर पहुंचने का अवसर मिलता है। गुरुवार को अपने साथियों द्वारा स्पीकर चुने जाने के बाद उन्होंने पूरी विनम्रता के साथ अपने सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।

बराक ओबामा के चुनाव अभियान से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर, ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी किया काम

रंजीव पुरी की राजनीतिक पृष्ठभूमि और उनकी पेशेवर योग्यता उन्हें अन्य राजनेताओं से अलग खड़ा करती है। राजनीति के मैदान में उतरने से पहले उन्होंने जमीनी स्तर पर बेहद कड़ी मेहनत की है। उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 2008 और 2012 के दौरान हुई थी, जब उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा (Barack Obama) के ऐतिहासिक चुनाव अभियानों में सक्रिय रूप से काम किया था और अपनी संगठनात्मक क्षमता का लोहा मनवाया था।

इसके बाद, अपनी शैक्षणिक योग्यताओं को और अधिक मजबूत करते हुए उन्होंने दुनिया के प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूलों में शुमार यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की। शिक्षा पूरी करने के बाद वह वापस मिशिगन लौटे और वहां ऑटोमोटिव उद्योग (Automotive Industry) में कॉरपोरेट स्तर पर अपनी सेवाएं दीं। व्यावसायिक क्षेत्र में अनुभव प्राप्त करने के बाद उन्होंने पूरी तरह से जनसेवा की ओर रुख किया। स्टेट हाउस के अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान उनकी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें रिपब्लिकन-नियंत्रित 110 सदस्यीय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेटिक कॉकस का नेता नियुक्त किया गया था, जो उनके राजनीतिक कौशल का स्पष्ट प्रमाण था।

जनता से किए गए वादों को पूरा करने की प्रतिबद्धता, नए नेतृत्व के साथ करेंगे काम

मिशिगन हाउस का स्पीकर का पद संभालने के बाद रंजीव पुरी ने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि उनका मुख्य फोकस आम जनता के कल्याण और चुनावी वादों को धरातल पर उतारने पर रहेगा। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए कहा कि वह सीनेट के नवनिर्वाचित मेजॉरिटी लीडर डैरिन कैमिलेरी (Darrin Camilleri) और नवनिर्वाचित गवर्नर जोसलिन बेन्सन (Jocelyn Benson) के साथ मिलकर पूरी एकजुटता के साथ काम करेंगे।

उनका मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रचार के दौरान जनता से स्वास्थ्य सेवाओं (Healthcare) को सुलभ बनाने, आवास के बढ़ते खर्चों को नियंत्रित करने और आम नागरिकों के जीवन को अधिक किफायती व सुगम बनाने के लिए दिए गए आश्वासनों को जल्द से जल्द पूरा करना है। उनके इस मिलनसार और प्रगतिशील दृष्टिकोण के कारण विपक्षी खेमे में भी उनकी कार्यशैली की सराहना की जा रही है।

इंडियन अमेरिकन इंपैक्ट समेत तमाम संगठनों ने दी बधाई, समुदाय में खुशी की लहर

रंजीव पुरी की इस ऐतिहासिक जीत पर अमेरिका के प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा बधाइयों का तांता लगा हुआ है। 'इंडियन अमेरिकन इंपैक्ट' (Indian American Impact) के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने रंजीव पुरी को उनकी इस अभूतपूर्व सफलता पर हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि पुरी ने हमेशा से आम जनता के आर्थिक बोझ को कम करने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए संघर्ष किया है।

चिंतन पटेल ने पूरा भरोसा जताया है कि रंजीव पुरी अपने इस ऊंचे पद पर रहते हुए न केवल दक्षिण एशियाई समुदायों, बल्कि मिशिगन राज्य के सभी नागरिकों के अधिकारों, सुरक्षा और कल्याण के लिए एक मजबूत और मुखर आवाज बनेंगे। अमेरिका की धरती पर एक भारतीय-अमेरिकी का इस तरह से राज्य के सबसे बड़े विधायी सदन का नेतृत्व संभालना यह साबित करता है कि आने वाले समय में वैश्विक राजनीति में भारतीय मूल के लोगों का प्रभाव और अधिक तेजी से बढ़ने वाला है।

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