आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर आधी रात भीषण सड़क हादसा: आपस में भिड़े तीन ट्रक

उत्तर प्रदेश के अति व्यस्त हाई-स्पीड कॉरिडोरआगरा – लखनऊ एक्सप्रेसवे Click to open side panel for more information पर सोमवार तड़के एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई। फतेहाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन किलोमीटर संख्या 22.300 पर रात करीब 2:30 बजे आगे-पीछे चल रहे तीन बड़े मालवाहक ट्रक अनियंत्रित होकर एक-दूसरे से जा टकराए। टक्कर इतनी भीषण थी कि बीच में फंसे ट्रक का केबिन पूरी तरह पिचक गया, जिसके मलबे में दबकर चालक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं अन्य दो ट्रकों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर चीख-पुकार मच गई और पीछे से आ रहे अन्य वाहनों के पहिए भी थम गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और यूपीडा की गश्ती टीम तत्काल हरकत में आई और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रकों के आपस में टकराने की आवाज दूर तक सुनाई दी। गश्ती दल ने तुरंत क्रेन और बचाव उपकरणों की मदद से क्षतिग्रस्त केबिन को काटकर फंसे हुए चालकों को बाहर निकाला। मृत चालक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए आगरा जिला मुख्यालय स्थित मोर्चरी भेज दिया गया, जबकि दोनों घायल चालकों को तत्काल नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
लखनऊ से आगरा की ओर बढ़ रहे थे तीनों भारी वाहन, केबिन में फंसने से सीतापुर के युवक की गई जान
चौकी इंचार्ज लुहारी यासीन बेग और यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी राधामोहन द्विवेदी ने दुर्घटना के विस्तृत विवरण की पुष्टि करते हुए बताया कि तीनों भारी वाहन लखनऊ से आगरा की दिशा में जा रहे थे। अचानक आगे चल रहे ट्रक की गति धीमी होने अथवा अचानक ब्रेक लगने की आशंका के चलते पीछे आ रहे दोनों ट्रक संतुलन खो बैठे और एक के बाद एक आपस में जा घुसे। इस भयंकर टक्कर में सबसे अधिक नुकसान बीच वाले ट्रक को हुआ। बीच वाले ट्रक के चालक 29 वर्षीय राजीव पुत्र नरपाल, निवासी ग्राम चडरा लालपुर, थाना महोली, जिला सीतापुर की मौके पर ही सांसें थम गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टीयरिंग और सीट के बीच बुरी तरह फंस जाने के कारण राजीव को संभलने का न्यूनतम अवसर भी नहीं मिल सका।
मृतक राजीव अपने परिवार का मुख्य सहारा था और माल ढुलाई के काम से जुड़ा हुआ था। पुलिस ने मृतक की जेब से मिले दस्तावेजों और पहचान पत्र के आधार पर उनके गृह जनपद सीतापुर के महोली स्थित पैतृक गांव के ग्राम प्रधान व परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी है। युवक की असमय मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजन आगरा के लिए रवाना हो गए हैं।
राजस्थान के दो चालक गंभीर रूप से जख्मी, प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर
इस तिहरे सड़क हादसे में अन्य दोनों ट्रकों के चालकों को भी गंभीर चोटें आई हैं। आगे चल रहे ट्रक के चालक राजेंद्र, निवासी सेरी खुर्द, जिला भरतपुर (राजस्थान) इस दुर्घटना में घायल हो गए। घटना के समय ट्रक में मौजूद उनके सगे भाई और सहचालक रवि ने किसी तरह सुरक्षित बचते हुए भाई को संभाला। राहत दल ने तत्काल राजेंद्र को एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहाबाद पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।
वहीं, काफिले में सबसे पीछे चल रहे तीसरे ट्रक के चालक सोनाराम, निवासी दारासर, थाना चौहटन, जिला बाड़मेर (राजस्थान) की हालत अत्यधिक नाजुक बताई जा रही है। सामने से हुई टक्कर के तेज झटके के कारण उनके सिर, सीने और पैरों में गंभीर फ्रैक्चर व अंदरूनी चोटें आई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सोनाराम को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से एक निजी एंबुलेंस के जरिए सीधे आगरा शहर स्थित श्रीहरि अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर करने के प्रयास किए जा रहे हैं और बाड़मेर में उनके परिजनों को भी घटना से अवगत करा दिया गया है।
यूपीडा सुरक्षा विंग और स्थानीय पुलिस ने क्रेन से क्षतिग्रस्त वाहन हटाकर खुलवाया मार्ग
हादसा घटित होते ही यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की पेट्रोलिंग वैन और चौकी इंचार्ज लुहारी यासीन बेग की पुलिस टीम ने मौके पर मोर्चा संभाल लिया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के सड़क के बीचों-बीच आड़े-तिरछे खड़े होने के कारण लखनऊ से आगरा जाने वाली लेन पर यातायात आंशिक रूप से बाधित हो गया था। रात के घने अंधेरे में पीछे से आने वाले तेज रफ्तार वाहनों को किसी अन्य दुर्घटना से बचाने के लिए यूपीडा सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत घटनास्थल से 500 मीटर पहले बैरिकेडिंग और रेड रिफ्लेक्टर लाइटें लगाकर सुरक्षा घेरा बनाया।
इसके उपरांत भारी क्षमता वाली हाइड्रो क्रेन मंगवाकर तीनों क्षतिग्रस्त ट्रकों को मुख्य कैरिजवे से खींचकर किनारे किया गया और सड़क पर बिखरे कांच व लोहे के टुकड़ों को साफ कराकर करीब एक घंटे के भीतर यातायात को पूरी तरह सामान्य कराया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रात के समय चालकों को झपकी आना या ओवरस्पीडिंग इस हादसे की मुख्य वजह हो सकती है, जिसकी विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है ताकि वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।