धर्म

आज का पंचांग 3 नवंबर 2026: मंगलवार के दिन हनुमान जी की कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त कौन सा है

सनातन धर्म, ज्योतिष शास्त्र और दैनिक जीवन में पंचांग का बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले, नया व्यापार आरंभ करने से पहले या भगवान की आराधना करने के लिए सही समय और तिथि का ज्ञान होना बेहद आवश्यक होता है। आज 3 नवंबर 2026 और दिन मंगलवार है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार का यह पावन दिन संकटमोचन हनुमान जी की पूजा-अर्चना, व्रत और उनके आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की विशेष तिथियों का संयोग बन रहा है, साथ ही मघा नक्षत्र का प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। आज के इस विस्तृत दैनिक पंचांग में हम आपको दिल्ली-एनसीआर और देश के अन्य हिस्सों के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रहों की स्थिति की पूरी जानकारी दे रहे हैं, ताकि आप अपने दिनभर के जरूरी कार्यों को सही समय पर पूरा कर सकें।

आज की तिथि, योग और करण का पूरा विवरण

पंचांग की गणना के अनुसार आज 3 नवंबर 2026 को कार्तिक कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि से दिन की शुरुआत हो रही है। यह नवमी तिथि दोपहर 11 बजकर 54 मिनट तक प्रभावी रहेगी, जिसके उपरांत दशमी तिथि का आरंभ हो जाएगा।

आज के दिन बनने वाले योग और करण की बात करें तो, शुक्ल योग सुबह 09 बजकर 54 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद ब्रह्म योग की शुरुआत होगी। इसके अलावा करण की स्थिति में दोपहर 11 बजकर 54 मिनट तक गरज करण रहेगा, फिर वणिज करण रात्रि 11 बजकर 25 मिनट तक रहेगा और उसके बाद भद्रा (विष्टि करण) का प्रभाव शुरू हो जाएगा। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इन सभी योगों और तिथियों का मिला-जुला प्रभाव सभी राशियों पर देखने को मिलेगा।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति तथा ग्रहों का गोचर

किसी भी स्थान के सटीक पंचांग के लिए सूर्य और चंद्रमा की चाल का विशेष महत्व होता है। आज दिल्ली-एनसीआर के समय के अनुसार सूर्योदय प्रातः 06 बजकर 34 मिनट पर हुआ है, जबकि सूर्यास्त का समय सायं 05 बजकर 35 मिनट निर्धारित किया गया है। वहीं चंद्रमा के उदय होने का समय अगले दिन यानी 4 नवंबर को तड़के 01 बजकर 47 मिनट का रहेगा और चंद्रास्त दोपहर 01 बजकर 59 मिनट पर होगा।

ग्रहीय स्थिति पर नजर डालें तो ग्रहों के राजा सूर्य देव वर्तमान में तुला राशि में विराजमान हैं, जबकि मन और भावनाओं के कारक चंद्र देव सिंह राशि में स्थित हैं। सूर्य और सिंह राशि के इस गोचर का ज्योतिषीय प्रभाव जातकों के जीवन में ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करेगा।

आज के शुभ मुहूर्त: किस समय करें पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य

यदि आप आज के दिन कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, गृह प्रवेश करना चाहते हैं या हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना करना चाहते हैं, तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। पंचांग के अनुसार आज के दिन मिलने वाले प्रमुख शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:

  • अभिजीत मुहूर्त: दिन में दोपहर 11 बजकर 42 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। यह समय किसी भी नए और शुभ कार्य को शुरू करने के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

  • अमृत काल: अगले दिन तड़के 01 बजकर 04 मिनट से लेकर तड़के 02 बजकर 39 मिनट (4 नवंबर) तक रहेगा। यह समय साधना और विशेष आध्यात्मिक कार्यों के लिए उत्तम है।

आज के अशुभ समय और राहुकाल: इन घंटों में बरतें विशेष सावधानी

ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे समय भी बताए गए हैं जिन्हें अशुभ माना जाता है और इस दौरान किसी भी तरह के नए या शुभ कार्यों को शुरू करने की सख्त मनाही होती है। आज के अशुभ समय इस प्रकार हैं:

  • राहुकाल: दोपहर 02 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर सायं 04 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। राहुकाल के दौरान किसी भी प्रकार की महत्वपूर्ण खरीदारी या शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।

  • गुलिकाल: दोपहर 12 बजकर 04 मिनट से दोपहर 01 बजकर 27 मिनट तक रहेगा।

  • यमगण्ड काल: प्रातः 09 बजकर 19 मिनट से प्रातः 10 बजकर 42 मिनट तक प्रभावी रहेगा।

मघा नक्षत्र का प्रभाव और उसकी विशेषताएं

आज के दिन चंद्र देव मघा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। मघा नक्षत्र अगले दिन तड़के 03 बजकर 26 मिनट (4 नवंबर) तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का आरंभ हो जाएगा।

मघा नक्षत्र के स्वामी देव केतु हैं, जबकि इसके राशि स्वामी सूर्यदेव हैं और इस नक्षत्र के मुख्य देवता पितर (पूर्वज) माने जाते हैं। इस नक्षत्र का प्रतीक चिह्न 'शाही सिंहासन' है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मघा नक्षत्र में जन्मे या इस दिन प्रभावित होने वाले लोग स्वभाव से अधिकारप्रिय, उदार, साहसी, मेहनती और जीवन में उच्च पदों को प्राप्त करने वाले होते हैं। हालांकि कई बार वे विलासिता प्रेमी और थोड़े क्रोधी स्वभाव के भी हो सकते हैं। आज मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने और जरूरतमंदों को दान देने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं और दिन मंगलमय बनता है।

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