इंग्लैंड ने टीम इंडिया को 9 विकेट से धोया, 7 साल के इतिहास में पहली बार भारत ने गंवाई लगातार दो T20I सीरीज

ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड पर खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम की वापसी की तमाम उम्मीदें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। एक बार फिर भारतीय बल्लेबाजी क्रम के बेहद निराशाजनक और फ्लॉप प्रदर्शन के चलते मेहमान टीम को 9 विकेट की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है। इस एकतरफा जीत के साथ ही इंग्लैंड ने पांच मैचों की इस हाई-प्रोफाइल टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा झटका यह है कि पिछले 7 सालों के क्रिकेट इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब टीम इंडिया ने लगातार दो टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज गंवाई हैं, जिसने टीम के मौजूदा टी20 फॉर्मेट और रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
श्रेयस अय्यर की 80 रनों की जुझारू पारी भी गई बेकार, बाकी बल्लेबाजों ने किया सरेंडर
लगातार मिल रही हार के बाद इस करो या मरो वाले मुकाबले में भारतीय टॉप ऑर्डर से एक दमदार और एकजुट प्रदर्शन की उम्मीद थी। इसके विपरीत, पूरी बैटिंग यूनिट इंग्लिश गेंदबाजों के सामने पूरी तरह लाचार नजर आई। इस पूरे खराब दौर में सिर्फ कार्यवाहक कप्तान श्रेयस अय्यर ही अकेले फाइटर की तरह क्रीज पर डटे रहे। अय्यर ने मुश्किल परिस्थितियों में सूझबूझ का परिचय देते हुए 49 गेंदों में नाबाद 80 रनों की एक बेहद शानदार और जुझारू पारी खेली, जिसने टीम को एक बेहद शर्मनाक स्कोर पर सिमटने से बचा लिया। हालांकि, दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का साथ न मिलने के कारण भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवरों में केवल 158 रनों का मामूली स्कोर ही खड़ा कर सकी, जो ब्रिस्टल की इस खूबसूरत बैटिंग पिच पर बहुत कम था।
हैरी ब्रूक और फिल सॉल्ट का तूफान: 37 गेंद पहले इंग्लैंड ने एकतरफा अंदाज में जीता मैच
159 रनों के इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लिश टीम के लिए राह बिल्कुल आसान रही। ओपनर फिल सॉल्ट और कप्तान हैरी ब्रूक ने मैदान के चारों तरफ आकर्षक और आक्रामक स्ट्रोक्स लगाते हुए भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं। दोनों ने शुरू से ही रन चेज को पूरी तरह से एकतरफा बना दिया और भारतीय गेंदबाजों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। कप्तान हैरी ब्रूक ने नाबाद 79 और फिल सॉल्ट ने नाबाद 59 रनों की आतिशी पारियां खेलकर अपनी टीम को 37 गेंद शेष रहते ही एक ऐतिहासिक और नौ विकेट की विशाल जीत दिला दी। यह हार साफ दर्शाती है कि खेल के सबसे छोटे प्रारूप में भारतीय टीम इस समय इंग्लैंड के मुकाबले कितनी पीछे छूट गई है।
'हम रणनीति को मैदान पर लागू करने में पूरी तरह फेल रहे'—हार के बाद बोले कप्तान श्रेयस अय्यर
मैच के बाद हुई पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कप्तान श्रेयस अय्यर ने अपनी निराशा छुपाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने ईमानदारी से स्वीकार किया कि 158 रन का स्कोर बोर्ड पर बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं था। श्रेयस ने गेंदबाजों के बचाव और अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा, "यह नतीजा हमारे लिए बेहद निराशाजनक है। जब हम गेंदबाजी करने उतरे, तो मैंने गेंदबाजों से साफ कहा था कि वे अपनी लाइन और लेंथ को लगातार रिपीट करें, क्योंकि मिडिल और लेग स्टंप के टॉप पर रन बनाना इस पिच पर आसान नहीं था। लेकिन हमारे गेंदबाज उस प्लान को मैदान पर एक्जीक्यूट करने में बुरी तरह विफल रहे, जिसका नतीजा यह हुआ कि विपक्षी टीम ने इतनी आसानी और तेजी से इस लक्ष्य को हासिल कर लिया।"
संजू सैमसन की होगी वापसी? 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के फ्लॉप शो के बाद प्लेइंग इलेवन पर उठे सवाल
अब भारतीय टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती साउथैम्पटन में होने वाले पांचवें और अंतिम टी20 मैच में अपनी साख बचाने की होगी। सीरीज हारने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारतीय प्लेइंग इलेवन (Playing XI) में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलता है या नहीं। युवा सनसनी के रूप में टीम में शामिल किए गए 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका देने का दांव पूरी तरह उल्टा पड़ गया है। हालांकि इस युवा खिलाड़ी ने प्रतिभा की झलक जरूर दिखाई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव उनके लिए फिलहाल काफी मुश्किल साबित हो रहा है। ऐसे में क्रिकेट फैंस और विश्लेषकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अगले मैच में अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन (Sanju Samson) को अंतिम एकादश में मौका देकर बल्लेबाजी को मजबूती दी जाएगी।