इंडोनेशिया के जंगलों में काल बना हेलीकॉप्टर, 8 लोगों की मौत,मलबे से निकाले गए शव, मृतकों में एक विदेशी भी शामिल

News India Live, Digital Desk: इंडोनेशिया के वेस्ट कालीमंतन प्रांत में एक भीषण विमान हादसे ने सबको झकझोर दिया है। पाम ऑयल बागानों के ऊपर से उड़ान भर रहा एक निजी हेलीकॉप्टर PT मैथ्यू एयर नुसंतारा (Airbus H-130) घने जंगलों में क्रैश हो गया। इस हादसे में दो क्रू मेंबर्स और छह यात्रियों सहित कुल 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। इंडोनेशियाई वायुसेना और रेस्क्यू टीमों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दुर्गम पहाड़ी इलाके से शवों को बरामद किया है।उड़ान भरने के 5 मिनट बाद ही टूटा संपर्करिपोर्ट्स के अनुसार, हेलीकॉप्टर PK-CFX ने मेलावी स्थित एक बागान क्षेत्र से दोपहर में उड़ान भरी थी। उसे कुबू राया जिले के एक अन्य पाम ऑयल बागान पहुंचना था, लेकिन उड़ान भरने के मात्र 5 मिनट बाद ही उसका राडार से संपर्क टूट गया।मलबे की तलाश: संपर्क टूटने के बाद नेशनल सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी (BASARNAS) ने अभियान छेड़ा। गुरुवार दोपहर करीब 3:25 बजे वायुसेना के ‘सुपर प्यूमा’ हेलीकॉप्टर ने आखिरी लोकेशन से 3 किलोमीटर दूर मलबे का पहला हिस्सा देखा।दुर्गम इलाका: बचाव एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद सयाफी ने बताया कि क्रैश साइट ‘सेकाडाऊ’ जिले के बेहद घने जंगलों और खड़ी पहाड़ियों के बीच स्थित है, जिससे वहां पहुंचना बड़ी चुनौती साबित हुआ।मृतकों में एक मलेशियाई नागरिक भी शामिलसेकाडाऊ पुलिस की क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन यूनिट के प्रमुख जैनल आबिदीन ने पुष्टि की है कि मलबे से सभी 8 शव बरामद कर लिए गए हैं।पहचान: मृतकों में 2 चालक दल के सदस्य और 6 यात्री शामिल हैं। मृतकों में से एक व्यक्ति मलेशियाई नागरिक बताया जा रहा है।शवों को भेजा गया: सभी शवों को पोस्टमार्टम और पहचान के लिए प्रांत की राजधानी पोंटियानक ले जाया गया है।अंधेरा और घने जंगल ने रोकी राहहादसे वाली जगह पाम ऑयल कंपनी ‘सिट्रा महकोटा’ के प्लांटेशन एरिया के पास स्थित है। गुरुवार रात को घना अंधेरा और जंगली जानवरों के खतरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को रोकना पड़ा था। शुक्रवार सुबह पुलिस और सेना के जवानों ने जमीनी रास्ते से पैदल चलकर क्रैश साइट तक पहुँचने में सफलता पाई।जांच के घेरे में ‘क्रैश’ की वजहफिलहाल हेलीकॉप्टर के क्रैश होने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। इंडोनेशियाई परिवहन मंत्रालय और राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा समिति (NTSC) ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या हादसा खराब मौसम की वजह से हुआ या कोई तकनीकी खराबी (इंजन फेलियर) इसकी वजह बनी।