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खुद बिछाए जाल में फंसा ईरान होर्मुज में बारूदी सुरंगें बिछाकर भूला लोकेशन, अब टैंकरों का निकलना हुआ नामुमकिन

News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों को हैरत में डाल दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच दावा किया जा रहा है कि ईरान ने ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में जो समुद्री बारूदी सुरंगें (Naval Mines) बिछाई थीं, अब वह खुद उनकी सटीक लोकेशन भूल गया है। इस लापरवाही ने न केवल वैश्विक तेल आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है, बल्कि ईरान की अपनी नौसैनिक क्षमताओं पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब स्थिति यह है कि इस रास्ते से किसी भी जहाज का गुजरना ‘सुसाइड मिशन’ जैसा हो गया है।लापरवाही या रणनीतिक चूक? ‘डार्क फ्लीट’ ने बिगाड़ा खेलईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को ब्लॉक करने के लिए छोटी नावों का इस्तेमाल कर ‘अंधाधुंध’ तरीके से माइन्स बिछाई थीं। आमतौर पर माइन्स बिछाते समय उनका एक सटीक नक्शा तैयार किया जाता है, लेकिन ईरान की विकेंद्रीकृत कमान (Decentralized Command) के कारण कोई लिखित रिकॉर्ड नहीं रखा गया। अब ज्वार-भाटे और समुद्री लहरों के कारण ये माइन्स अपनी जगह से खिसक चुकी हैं, जिससे पूरा इलाका एक ‘अदृश्य मौत का जाल’ बन चुका है।$20 लाख का टोल और वैकल्पिक रास्तों का ड्रामाखुद की बिछाई माइन्स को न हटा पाने की लाचारी छिपाने के लिए ईरान अब जहाजों को ‘वैकल्पिक मार्ग’ (Alternative Routes) अपनाने के लिए मजबूर कर रहा है। ईरान ने घोषणा की है कि जो जहाज उसके तट के करीब सुरक्षित पानी से गुजरना चाहते हैं, उन्हें $20 लाख (लगभग 16 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम ‘सुरक्षा शुल्क’ या टोल देना होगा। अंतरराष्ट्रीय जानकारों का मानना है कि यह ईरान की एक सोची-समझी चाल भी हो सकती है ताकि वह दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्ग पर अपनी मनमानी वसूली कर सके।वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहराया ‘ऑयल चोक’ का खतरादुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। माइन्स की लोकेशन भूल जाने की खबर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हड़कंप मच गया है और कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने यह रास्ता सुरक्षित नहीं किया, तो अमेरिकी नौसेना ‘माइन-स्वीपिंग’ ऑपरेशन शुरू करेगी, जो सीधे तौर पर युद्ध को और भड़का सकता है। फिलहाल, 150 से अधिक तेल टैंकर समुद्र के बीचों-बीच खड़े होकर रास्ता साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।

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