एयरटेल के शेयर में आएगी तगड़ी तेजी! टैरिफ हाइक से लेकर डेटा सेंटर तक ये 5 बड़े ट्रिगर देंगे रॉकेट जैसी रफ्तार

भारतीय शेयर बाजार और टेलीकॉम सेक्टर के दिग्गज खिलाड़ी भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के शेयरों पर इन दिनों बड़े-बड़े निवेशकों और ब्रोकरेज फर्म्स की पैनी नजर बनी हुई है। देश के टेलीकॉम बाजार में अपनी मजबूत पकड़ और लगातार बढ़ते एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) के दम पर एयरटेल का स्टॉक निवेशकों के बीच हमेशा से हॉट फेवरेट रहा है। बाजार के एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में एयरटेल के शेयरों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कुछ ठोस और दमदार बिजनेस ट्रिगर तैयार हो रहे हैं। अगर आपके पोर्टफोलियो में भी इस कंपनी के शेयर हैं या आप इसमें निवेश करने का मन बना रहे हैं, तो आइए जानते हैं वे कौन से 5 बड़े कारण और ग्रोथ ट्रिगर हैं जो एयरटेल के शेयर को आने वाले दिनों में और अधिक रफ्तार दे सकते हैं।
टैरिफ हाइक और मजबूत एआरपीयू (ARPU) का दम
एयरटेल के शेयरों में बढ़त का सबसे बड़ा और बुनियादी ट्रिगर इसका बढ़ता हुआ एआरपीयू (ARPU) है। टेलीकॉम कंपनियों द्वारा हाल ही के महीनों में लिए गए टैरिफ बढ़ोतरी (Tariff Hike) के फैसलों का सीधा फायदा एयरटेल को मिल रहा है। कंपनी का फोकस सस्ते ग्राहकों को बढ़ाने के बजाय ऐसे प्रीमियम ग्राहकों को जोड़ने पर है जो प्रति यूजर ज्यादा डेटा और कॉलिंग का इस्तेमाल करते हैं। इसके चलते एयरटेल का एआरपीयू देश की अन्य टेलीकॉम कंपनियों के मुकाबले सबसे मजबूत स्थिति में बना हुआ है, जिससे कंपनी के मुनाफे में लगातार इजाफा हो रहा है।
5जी नेटवर्क का विस्तार और हाई-स्पीड डेटा की बढ़ती डिमांड
भारत भर में 5G सर्विस का तेजी से हो रहा विस्तार एयरटेल के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है। कंपनी ने टियर-1 शहरों से लेकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों तक अपने अल्ट्रा-फास्ट 5G नेटवर्क की पहुंच को बेहद आक्रामक तरीके से बढ़ाया है। आज के डिजिटल दौर में वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और वर्क फ्रॉम होम संस्कृति के कारण मोबाइल डेटा की खपत आसमान छू रही है। जैसे-जैसे ग्राहक 4G से 5G नेटवर्क की ओर शिफ्ट हो रहे हैं, एयरटेल की डेटा इनकम और नेटवर्क यूटिलाइजेशन में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जो स्टॉक के लिए एक बहुत बड़ा पॉजिटिव फैक्टर है।
डेटा सेंटर और क्लाउड बिजनेस (Nxtra) का बूम
पारंपरिक टेलीकॉम सेवाओं के अलावा एयरटेल अब डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में भी अपनी जड़ें बहुत मजबूत कर चुका है। कंपनी की सब्सिडियरी कंपनी 'नेक्स्ट्रा डेटा' (Nxtra by Airtel) देश भर में अपने डेटा सेंटर बिजनेस का तेजी से विस्तार कर रही है। आज के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और बिग डेटा के इस आधुनिक युग में देश-विदेश की बड़ी तकनीकी कंपनियों को सुरक्षित डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट्स की भारी जरूरत है। एयरटेल का यह क्लाउड और डेटा सेंटर सेगमेंट भविष्य में कंपनी के लिए रेवेन्यू का एक बहुत बड़ा और सुरक्षित स्रोत बनने जा रहा है, जिसे शेयर बाजार काफी तेजी से डिस्काउंट कर रहा है।
होम ब्रॉडबैंड और डीटीएच सेवाओं से मिलता स्थिर सहारा
मोबाइल सेगमेंट के अलावा एयरटेल का होम ब्रॉडबैंड (Airtel Xstream Fiber) और डिजिटल टीवी बिजनेस कंपनी को एक मजबूत और स्थिर वित्तीय सुरक्षा कवच प्रदान करता है। देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट की मांग रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ रही है। एयरटेल जिस तरह से किफायती और बंडल प्लान्स के जरिए घर-घर अपनी पहुंच बना रहा है, उससे कंपनी को हर महीने एक नियमित और शानदार कैश फ्लो (Cash Flow) प्राप्त हो रहा है, जो कंपनी के फंडामेंटल्स को और अधिक चट्टान की तरह मजबूत बनाता है।
मजबूत बैलेंस शीट और ब्रोकरेज फर्म्स का बुलिश रुख
किसी भी शेयर के लंबे समय तक टिके रहने और दौड़ने के पीछे उसके मैनेजमेंट और वित्तीय अनुशासन का बहुत बड़ा हाथ होता है। एयरटेल का मैनेजमेंट अपने कर्ज को लगातार नियंत्रित करने और चुकता करने पर फोकस कर रहा है, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट बेहद साफ-सुथरी हो गई है। देश और दुनिया की तमाम बड़ी ब्रोकरेज फर्म्स ने एयरटेल के मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस और भविष्य के बिजनेस आउटलुक को देखते हुए इस पर अपना बुलिश नजरिया बरकरार रखा है। इन सभी पांच बड़े ट्रिगरों के संयुक्त प्रभाव से साफ है कि आने वाले दिनों में एयरटेल का शेयर निवेशकों को मालामाल करने का पूरा दम रखता है।