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कभी आमने-सामने मिली तक नहीं, फिर भी 7 साल से जारी है Kangana-Taapsee की जंग: जानिए कहां से शुरू हुआ ‘Sasti Copy’ विवाद

बॉलीवुड इंडस्ट्री में सितारों के बीच अनबन और जुबानी जंग की कई कहानियां देखने को मिलती हैं, लेकिन अभिनेत्री व सांसद कंगना रनौत और तापसी पन्नू के बीच का विवाद हिंदी सिनेमा के सबसे अनोखे और लंबे विवादों में गिना जाता है। इस तकरार की सबसे दिलचस्प बात यह है कि दोनों अभिनेत्रियां अपने पूरे करियर में कभी एक-दूसरे से व्यक्तिगत रूप से आमने-सामने नहीं मिली हैं। इसके बावजूद पिछले 7 वर्षों से दोनों के बीच बयानों, सोशल मीडिया पोस्ट्स और साक्षात्कारों के जरिए तीखी जंग जारी है। हाल ही में तापसी द्वारा 'परवरिश' पर दिए गए बयान, कंगना के पलटवार और तापसी के 'Hence proved' (अतः सिद्ध हुआ) जवाब के बाद यह विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। आइए जानते हैं कि आखिर इस पूरे विवाद की शुरुआत कहां से और कैसे हुई थी।

2019: 'जजमेंटल है क्या' का ट्रेलर और 'सस्ती कॉपी' का पहला दाग

इस 7 साल लंबे विवाद की पहली चिंगारी साल 2019 में उस वक्त सुलगी, जब कंगना रनौत और राजकुमार राव की फिल्म 'जजमेंटल है क्या' का ट्रेलर रिलीज हुआ था।

  • तापसी का ट्वीट: तापसी पन्नू ने ट्रेलर देखने के बाद ट्विटर (अब X) पर टीम की तारीफ करते हुए लिखा कि ट्रेलर काफी दिलचस्प लग रहा है और इससे काफी उम्मीदें हैं।

  • रंगोली चंदेल का हमला: ट्रेलर की तारीफ में कंगना का नाम अलग से न लिखे जाने पर कंगना की बहन और तत्कालीन मैनेजर रंगोली चंदेल भड़क गईं। रंगोली ने सार्वजनिक रूप से तापसी को टैग करते हुए लिखा, "कुछ लोग अपनी फिल्मों के प्रचार के लिए कंगना का नाम इस्तेमाल करते हैं… कंगना की तारीफ करने में इनकी जुबान सूख जाती है। तापसी जैसे लोग सिर्फ कंगना की सस्ती कॉपी (Sasti Copy) हैं।"

  • तापसी का जवाब: तापसी ने तब बेहद शांत लहजे में कहा था कि वे कंगना को एक बेहतरीन अभिनेत्री मानती हैं और उन्हें किसी की नकल करने की कोई जरूरत नहीं है।

2020: नेपोटिज्म की बहस और 'बी-ग्रेड एक्ट्रेस' का तीखा तंज

साल 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के असामयिक निधन के बाद जब बॉलीवुड में नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) और आउटसाइडर्स के संघर्ष पर तीखी बहस छिड़ी, तो कंगना और तापसी के बीच की दूरी खाई में बदल गई।

एक राष्ट्रीय समाचार चैनल को दिए टीवी इंटरव्यू में कंगना ने तापसी पन्नू और स्वरा भास्कर पर निशाना साधते हुए कहा था कि आउटसाइडर होने के बावजूद ये लोग फिल्म इंडस्ट्री के ताकतवर खेमों (मूवी माफिया) का पक्ष लेते हैं। कंगना ने उन्हें 'बी-ग्रेड एक्ट्रेसेस' और 'जरूरतमंद' करार देते हुए कहा कि इतनी टैलेंटेड होने के बाद भी उन्हें काम के लिए गिड़गिड़ाना पड़ता है। इसके जवाब में तापसी ने कड़े शब्दों में कहा था कि किसी का संघर्ष दूसरे को नीचा दिखाने का लाइसेंस नहीं देता और वे अपनी मेहनत के दम पर एक सफल मुकाम पर पहुंची हैं।

अवॉर्ड्स, तुलना और सोशल मीडिया पर अनवरत कोल्ड वॉर

2020 के बाद के वर्षों में यह कोल्ड वॉर अलग-अलग मौकों पर देखने को मिलती रही:

  • फिल्मफेयर अवॉर्ड्स: जब तापसी पन्नू ने फिल्म 'थप्पड़' के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीता, तो उन्होंने मंच से कंगना रनौत के अभिनय की सीमाएं तोड़ने के लिए तारीफ की। कंगना ने भी उस वक्त सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, लेकिन यह सुलह ज्यादा दिन नहीं टिकी।

  • कर्ली हेयर और फैशन की तुलना: सोशल मीडिया पर जब भी तापसी के घुंघराले बाल (Curly Hair) या साड़ी लुक्स की तस्वीरें आती थीं, तो कंगना और उनके समर्थकों द्वारा इसे कंगना के सिग्नेचर स्टाइल की नकल बताया जाता रहा, जबकि तापसी ने हमेशा इसे महज एक संयोग करार दिया।

2026: 'परवरिश' बनाम 'Hence Proved' का नया अध्याय

हाल ही में जब एक साक्षात्कार में तापसी पन्नू से कंगना के साथ उनके रिश्ते पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे कंगना से कभी नहीं मिली हैं और उनके बीच के विचार उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि व परवरिश (Upbringing) के अंतर को दर्शाते हैं।

इस पर कंगना ने इंस्टाग्राम पर भड़कते हुए तापसी को दोबारा 'सस्ती कॉपी' और अपनी फिल्मों के प्रचार के लिए नाम भुनाने वाली अभिनेत्री कहा। कंगना द्वारा पोस्ट हटाने के तुरंत बाद तापसी ने केवल दो शब्दों—"Hence proved."—का पोस्ट साझा कर मामले को एक नया मोड़ दे दिया।

सात साल से बिना मिले चल रही यह अनूठी स्टार-वॉर दिखाती है कि सोशल मीडिया के दौर में राय, आत्मसम्मान और बयानों की टकराहट कैसे बिना किसी व्यक्तिगत मुलाकात के भी एक दशक लंबा इतिहास रच सकती है।

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