धर्म

कलयुग में भी धरती पर मौजूद हैं ये 5 जाग्रत देव संकट में पुकारते ही सुनते हैं अर्जी, दर्शन मात्र से दूर होते हैं सारे कष्ट

News India Live, Digital Desk : धर्म ग्रंथों और पुराणों में वर्णित है कि कलयुग अधर्म और पाप का काल होगा, लेकिन इसी काल में भक्तों की रक्षा के लिए कुछ ऐसी दिव्य शक्तियां भी मौजूद हैं जिन्हें ‘जाग्रत देव’ कहा जाता है। मान्यता है कि ये देवता आज भी सूक्ष्म रूप में हमारे बीच विद्यमान हैं और सच्चे मन से की गई प्रार्थना पर तत्काल फल प्रदान करते हैं। तंत्र शास्त्र से लेकर भक्ति मार्ग तक, इन पांच देवताओं की महिमा अपरंपार बताई गई है। आइए जानते हैं कलयुग के उन जाग्रत स्वरूपों के बारे में जिनके दर पर मत्था टेकते ही भक्तों की झोली भर जाती है।1. संकटमोचन हनुमान: चिरंजीवी स्वरूप में आज भी हैं मौजूदकलयुग के सबसे जाग्रत और प्रभावशाली देवता भगवान हनुमान माने जाते हैं। अष्ट सिद्धि और नौ निधि के दाता बजरंगबली को अमरता का वरदान प्राप्त है। कहा जाता है कि जहां कहीं भी रामकथा का गान होता है, वहां हनुमान जी किसी न किसी रूप में अदृश्य होकर उपस्थित रहते हैं। भक्तों का अटूट विश्वास है कि ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करने से भूत-प्रेत और मानसिक कष्ट तुरंत दूर हो जाते हैं। उन्हें कलयुग का ‘हाजिर नाजिर’ देवता कहा जाता है।2. बाबा खाटू श्याम: ‘हारे का सहारा’ और कलयुग के कृष्णराजस्थान के सीकर जिले में विराजमान बाबा खाटू श्याम को स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने वरदान दिया था कि कलयुग में वे उनके नाम ‘श्याम’ से पूजे जाएंगे। बर्बरीक के रूप में अपना शीश दान करने वाले इस महायोद्धा को ‘कलियुग का अवतारी’ माना जाता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति दुनिया से हारकर इनके दर पर आता है, बाबा उसका हाथ थाम लेते हैं। ‘शीश के दानी’ के दर्शन के लिए आज देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं।3. काल भैरव: कलयुग के कोतवाल और न्याय के देवताभगवान शिव के रौद्र रूप ‘काल भैरव’ को कलयुग का शासक या ‘काशी का कोतवाल’ कहा जाता है। तंत्र साधना में इनकी विशेष महिमा है, लेकिन सामान्य भक्तों के लिए भी ये अत्यंत दयालु हैं। मान्यता है कि काल भैरव की शरण में जाने वाले भक्त को अकाल मृत्यु और काल सर्प दोष का भय नहीं सताता। इनकी पूजा से शत्रुओं का नाश होता है और व्यक्ति के जीवन में अनुशासन और निर्भयता आती है।4. मां काली: दुष्टों का संहार और ममतामयी शक्तिकलयुग में शक्ति की उपासना का विशेष महत्व है और मां काली को इस काल की सबसे जाग्रत देवी माना जाता है। बंगाल से लेकर दक्षिण भारत तक, मां काली के चमत्कारों की अनगिनत कथाएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि मां काली अपने भक्तों की पुकार बहुत जल्दी सुनती हैं। वे न केवल नकारात्मक ऊर्जा का नाश करती हैं, बल्कि अपने भक्तों को सुख-समृद्धि और आरोग्य का वरदान भी देती हैं।5. सूर्य देव: प्रत्यक्ष दिखने वाले एकमात्र देवतापंचदेवों में शामिल सूर्य देव एकमात्र ऐसे देवता हैं जिन्हें हम साक्षात अपनी आंखों से देख सकते हैं। उनके बिना सृष्टि की कल्पना भी असंभव है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ‘आत्मा’ का कारक माना गया है। कलयुग में सूर्य उपासना आरोग्य और मान-सम्मान पाने का सबसे सरल मार्ग है। रोज सुबह जल अर्पित करने मात्र से ही व्यक्ति के जीवन का अंधकार दूर होता है और उसे तेज व बल की प्राप्ति होती है।

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