कश्मीर का शेर आदिल, अब एकनाथ शिंदे ने निभाया अपना वादा पहलगाम हमले के शहीद के परिवार को मिला नया आशियाना

News India Live, Digital Desk: कश्मीर की वादियों में जब गोलियां गूँजी थीं और दहशत का साया मंडरा रहा था, तब एक स्थानीय युवक ‘आदिल शाह’ ने अपनी जान की बाजी लगाकर इंसानियत की जो मिसाल पेश की थी, उसे देश कभी नहीं भूल सकता। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी (22 अप्रैल 2026) के मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपना वो वादा पूरा कर दिया है, जो उन्होंने शहीद के परिवार से किया था। शिंदे सरकार ने आदिल शाह के परिवार को एक नया घर (आनंद नाथ भवन) उपहार में दिया है, जिसकी चाबियां आज परिवार को सौंप दी गईं।कौन था जांबाज आदिल शाह?पहलगाम के हपतनार गांव का रहने वाला 30 वर्षीय सैयद आदिल हुसैन शाह एक गाइड और घुड़सवार था। पिछले साल (22 अप्रैल 2025) जब आतंकियों ने बसरन घाटी में पर्यटकों की बस पर अंधाधुंध फायरिंग की, तो आदिल डरा नहीं। उसने अपनी जान की परवाह न करते हुए एक आतंकी से उसकी राइफल छीनने की कोशिश की ताकि वह सैलानियों को बचा सके। इस बहादुरी के दौरान आतंकियों ने उसे बेहद करीब से गोली मार दी। आदिल की इस कुर्बानी ने महाराष्ट्र के कई पर्यटकों की जान बचाई थी।शिंदे ने निभाया अपना वादा: ‘आनंद नाथ भवन’ तैयारहमले के तुरंत बाद जब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पीड़ितों की मदद के लिए पहलगाम पहुंचे थे, तब उन्होंने आदिल के जर्जर घर को देखकर उसके परिवार को एक पक्का मकान बनाकर देने का संकल्प लिया था। आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस नए घर का उद्घाटन करते हुए शिंदे भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “आदिल ने धर्म और भाषा की सीमाओं से ऊपर उठकर मानवता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। वह देश के गौरव का प्रतीक है।” इस घर का नाम शिंदे के गुरु दिवंगत आनंद दिघे की याद में ‘आनंद नाथ भवन’ रखा गया है।पूरे गांव में खुशी का माहौल, परिवार ने जताया आभारमंगलवार को आयोजित समारोह में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री संजय शिरसाट और योगेश कदम ने आदिल के भाई नौशाद को घर की चाबियां सौंपीं। भाई ने आंखों में आंसू लिए कहा, “आदिल ने परिवार से एक नए घर का वादा किया था, वह तो नहीं रहा लेकिन शिंदे साहब ने उसका सपना सच कर दिया।” इस दौरान पूरा गांव मौजूद था और लोग एकनाथ शिंदे की इस दरियादिली की तारीफ करते नहीं थक रहे थे।पर्यटन को बढ़ावा देने का भी आश्वासनमुख्यमंत्री ने इस मौके पर केवल घर ही नहीं दिया, बल्कि कश्मीर के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से पहलगाम और आसपास के इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा ताकि यहां के युवाओं को आदिल की तरह अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े और वे सम्मान के साथ आजीविका कमा सकें।