कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का इंतजार हुआ लंबा! 29 अप्रैल को नहीं होगा चालू, NHAI ने बताई नई तारीख

अगर आप भी कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (Kanpur-Lucknow Expressway) पर फर्राटा भरने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। पिछले कई दिनों से लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं कि इस बहुप्रतीक्षित एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को होने जा रहा है। लेकिन, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इन सभी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य पूरी तरह से खत्म होने में अभी थोड़ा और समय लगेगा।क्यों टला उद्घाटन और कब से शुरू होगा सफर?एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे का काम 15 मई तक पूरी तरह से फाइनल होने की उम्मीद है। दरअसल, इस 63 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट का निर्माण दो अलग-अलग पैकेजों में किया जा रहा है। इसमें से उन्नाव के आजाद नगर से लखनऊ सीमा तक 45 किमी लंबे ‘पैकेज-2’ का काम पूरी तरह से खत्म हो चुका है और इसका कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया है।पेंच लखनऊ क्षेत्र में आने वाले 17.52 किमी लंबे ‘पैकेज-1’ में फंसा है। यह पैकेज अभी अपने अंतिम चरण में है और इसका करीब 10 प्रतिशत काम अधूरा है। फिलहाल इस पैकेज का पूरक प्रमाण पत्र भी जारी नहीं हुआ है, जिसके चलते निर्माण पूरा करने की आधिकारिक समय सीमा को आगे बढ़ा दिया गया है।महज 45 मिनट में तय होगी कानपुर से लखनऊ की दूरीइस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यात्रियों को रोजाना के ट्रैफिक जाम से एक बड़ी राहत मिलेगी। एनएचएआई के इंजीनियरों का दावा है कि एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद कानपुर से लखनऊ के बीच का सफर सिमट कर सिर्फ 45 मिनट का रह जाएगा। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि सफर भी बेहद आरामदायक हो जाएगा।विश्वस्तरीय सुरक्षा मानकों और हाई-टेक सुविधाओं से लैसयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए इस एक्सप्रेसवे को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के हिसाब से डिजाइन किया गया है। बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ इसमें कई अत्याधुनिक सुविधाएं भी शामिल की गई हैं:ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए 11 वाहन अंडरपास, 13 लाइट वाहन अंडरपास और 11 पैदल अंडरपास बनाए गए हैं।जाम की समस्या को खत्म करने के लिए 9.59 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर, एक रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और चार बड़े पुलों का निर्माण किया गया है।हादसों पर लगाम लगाने और ट्रैफिक कंट्रोल के लिए एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) इंस्टॉल किया गया है।एक्सप्रेसवे के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 63 PTZ कैमरे, 21 इंटरचेंज कैमरे और 16 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं।सुरक्षा और मॉनिटरिंग के लिए किलोमीटर 27 और किलोमीटर 35 पर दो हाई-टेक कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं।इंजीनियरों ने भरोसा जताया है कि जैसे ही बचा हुआ 10 फीसदी काम पूरा हो जाएगा, इस शानदार एक्सप्रेसवे को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।