खेत-खेत, गली-गली… आधी रात को अचानक गायब हो गईं 11 भैंसें, पूरे इलाके में मचा हड़कंप

ग्रामीण इलाकों और पशुपालकों के लिए उनके मवेशी सिर्फ जीव नहीं, बल्कि उनकी आजीविका और परिवार के सबसे अहम सदस्य होते हैं। लेकिन इस वक्त एक बेहद अनोखा और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन के भी पसीने छुड़ा दिए हैं। एक किसान के घर के बाहर बने बाड़े से आधी रात को अचानक एक या दो नहीं, बल्कि पूरी 11 भैंसें रहस्यमयी तरीके से गायब हो गईं। सुबह जब पशुपालक तबेले में पहुंचा तो वहां का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। इस सामूहिक चोरी या गुमशुदगी की खबर जैसे ही इलाके में फैली, हड़कंप मच गया। अब आलम यह है कि पुलिस की टीमें मुस्तैदी के साथ लाठी और टॉर्च थामे खेतों और गलियों की खाक छान रही हैं।
तबेले से अचानक गायब हुई लाखों रुपये की 11 भैंसें इस पूरी घटना ने पीड़ित किसान के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। रोज की तरह किसान ने रात को अपने सभी पशुओं को चारा खिलाकर बाड़े में सुरक्षित बांधा था और खुद सोने चला गया था। लेकिन आधी रात को शातिर चोरों ने धावा बोला या फिर मवेशी खुद ही बाड़ा तोड़कर निकल गए, यह अभी भी एक बड़ा रहस्य बना हुआ है। सुबह जब दूध दुहने का वक्त हुआ, तो बाड़े में सन्नाटा पसरा था और सभी खूंटे खाली पड़े थे। गायब हुई 11 भैंसों की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है, जो कि उस गरीब किसान की जीवन भर की जमा पूंजी थी। पीड़ित ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय थाने को दी।
गली-गली और खेत-खेत खाकी का कड़ा पहरा, सर्च ऑपरेशन जारी मामले की गंभीरता और भारी संख्या में मवेशियों के गायब होने की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए अलग-अलग टीमें गठित कीं और गांव के चारों तरफ एक सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। पुलिस के जवान और अधिकारी अब आस-पास के खेतों, जंगलों, झाड़ियों और सूनी गलियों में जाकर भैंसों की खोज कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के रास्तों पर पुलिस टॉर्च की रोशनी में पशुओं के पैरों के निशान (खुर) ढूंढने की कोशिश कर रही है ताकि चोरों या भैंसों के जाने की सही दिशा का पता लगाया जा सके।
'बां-बां-बां' की आवाज सुनने को बेताब हुए ग्रामीण और पुलिस इस अनोखे सर्च ऑपरेशन की चर्चा अब पूरे जिले में आग की तरह फैल चुकी है। पुलिस के साथ-साथ गांव के सैकड़ों लोग भी लाठियां लेकर टोलियां बनाकर खेतों की तरफ निकल पड़े हैं। हर किसी के कान बस इसी आस में लगे हैं कि कहीं से भैंसों के रंभाने की यानी 'बां-बां-बां' की चिरपरिचित आवाज सुनाई दे जाए, जिससे उनकी लोकेशन का कोई सुराग मिल सके। पुलिस ने आस-पास के सभी मुख्य चौराहों और पशु बाजारों (पेठ) को भी अलर्ट कर दिया है ताकि अगर कोई इन भैंसों को बेचने की कोशिश करे, तो उसे रंगे हाथों दबोचा जा सके।
ग्रामीण इलाकों में मवेशियों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल इस हैरान करने वाली वारदात ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में कानून व्यवस्था और मवेशियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे अब एक साथ इतने बड़े पैमाने पर पशुओं को गायब करने से भी नहीं कतरा रहे हैं। फिलहाल पुलिस का दावा है कि वे बहुत जल्द इस गुत्थी को सुलझा लेंगे और किसान की सभी 11 भैंसों को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा। इस अजीबो-गरीब मामले पर पूरे इलाके की नजरें टिकी हुई हैं।