गोंडा के व्यापारियों ने खोला मोर्चा, कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत से ठप हुआ कारोबार, प्रशासन से लगाई गुहार

News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश में रसोई गैस (LPG) की कमी का असर अब छोटे और बड़े व्यवसायों पर भी दिखने लगा है। गोंडा (Gonda) के व्यापारियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत को लेकर चिंता जताई है। बाजार में सिलेंडरों की उपलब्धता न होने के कारण होटल, रेस्टोरेंट और हलवाईयों का काम पूरी तरह प्रभावित हो गया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुँच रहा है।व्यापारियों की मुख्य मांगें और समस्याएंगोंडा के उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी समस्याओं को उजागर किया है:कारोबार पर संकट: कमर्शियल गैस सिलेंडर न मिलने की वजह से छोटे ढाबे और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं। व्यापारियों का कहना है कि होली के बाद और आगामी त्योहारों के सीजन में मांग बढ़ने वाली है, लेकिन सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है।कालाबाजारी का डर: व्यापारियों ने आरोप लगाया कि सिलेंडरों की कृत्रिम कमी दिखाकर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गैस एजेंसियों के स्टॉक की जांच की जाए।समान वितरण की मांग: व्यापारियों ने मांग की है कि कमर्शियल गैस का कोटा सुनिश्चित किया जाए ताकि मध्यम वर्गीय कारोबारियों को परेशानी न हो।गोंडा में गैस संकट की जमीनी हकीकतकेवल व्यावसायिक क्षेत्र ही नहीं, बल्कि घरेलू उपभोक्ता भी इस संकट से अछूते नहीं हैं:लंबी वेटिंग लिस्ट: गैस बुक करने के बाद डिलीवरी मिलने में 8 से 12 दिनों का समय लग रहा है।होम डिलीवरी ठप: कई क्षेत्रों में वेंडर्स ने सिलेंडरों की कमी का हवाला देकर घर पर डिलीवरी देना बंद कर दिया है, जिससे लोगों को खुद गोदामों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।प्रशासन का आश्वासनगोंडा जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) ने व्यापारियों को आश्वासन दिया है कि गैस कंपनियों से निरंतर संपर्क साधा जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि आने वाले 2-3 दिनों में आपूर्ति में सुधार होगा और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।