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गोल्ड मार्केट में पोलैंड की बड़ी छलांग, फरवरी में खरीदा 20 टन सोना, अब RBI के स्वर्ण भंडार को देगा टक्कर?

News India Live, Digital Desk: वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता के बीच दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों में सोना जमा करने की होड़ मची है। इस रेस में यूरोपीय देश पोलैंड ने सबको चौंकाते हुए एक महीने में रिकॉर्ड खरीदारी की है। पोलैंड के केंद्रीय बैंक (National Bank of Poland) ने फरवरी 2026 में 20 टन सोना अपने खजाने में जोड़ा है। इस आक्रामक खरीदारी के बाद पोलैंड अब भारत के रिजर्व बैंक (RBI) के गोल्ड रिजर्व के बेहद करीब पहुंच गया है, जिससे वैश्विक स्वर्ण बाजार में हलचल तेज हो गई है।पोलैंड का गोल्ड मिशन: आखिर क्यों हो रही है इतनी खरीदारी?वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पोलैंड अब दुनिया के सबसे बड़े सोना खरीदारों में से एक बनकर उभरा है। फरवरी में की गई इस खरीदारी के बाद पोलैंड का कुल स्वर्ण भंडार बढ़कर 570 टन हो गया है। पोलैंड के सेंट्रल बैंक के गवर्नर एडम ग्लैपिंस्की का लक्ष्य इसे जल्द ही 700 टन तक ले जाने का है। जानकारों का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए पोलैंड अपनी मुद्रा (Złoty) को सुरक्षा देने और डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए सोने का अंबार लगा रहा है।RBI बनाम पोलैंड: स्वर्ण भंडार की जंगभारत हमेशा से दुनिया के शीर्ष स्वर्ण भंडार वाले देशों में शामिल रहा है। वर्तमान में RBI का स्वर्ण भंडार लगभग 800 टन से अधिक है। हालांकि, जिस रफ्तार से पोलैंड पिछले दो वर्षों से सोना खरीद रहा है, वह जल्द ही शीर्ष 10 देशों की सूची में भारत को कड़ी चुनौती दे सकता है। फरवरी 2026 में जहां वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों ने कुल 19 टन सोना खरीदा (नेट), वहीं अकेले पोलैंड ने 20 टन की खरीदारी की (क्योंकि कुछ देशों ने सोना बेचा भी था)। यह दर्शाता है कि पोलैंड अपनी अर्थव्यवस्था को ‘गोल्ड स्टैंडर्ड’ की मजबूती देना चाहता है।सोने की कीमतों पर क्या होगा असर?केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की इस निरंतर मांग ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों को निचले स्तर पर जाने से रोक दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब पोलैंड और चीन जैसे बड़े खिलाड़ी आक्रामक तरीके से खरीदारी करते हैं, तो निवेशकों का भरोसा बढ़ता है। पोलैंड के इस कदम से संकेत मिलता है कि आने वाले समय में सोना केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि देशों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ के रूप में और भी महत्वपूर्ण होने वाला है। पोलैंड ने यह भी संकेत दिया है कि वह अपने इस स्वर्ण भंडार का उपयोग देश की सुरक्षा और रक्षा बजट को मजबूती देने के लिए भी कर सकता है।

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