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गोवा में फिर गरजा बुलडोजर सीएम सावंत का सख्त फरमान, लूथरा का एक और क्लब होगा जमींदोज

News India Live, Digital Desk : गोवा का नाम सुनते ही दिमाग में समंदर, पार्टी और मौज-मस्ती का ख्याल आता है। लेकिन पिछले कुछ समय से गोवा में जिस तरह की प्रशासनिक हलचल चल रही है, उसने अवैध कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। ताज़ा खबर यह है कि गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (Pramod Sawant) अब ‘फुल एक्शन मोड’ में हैं और उन्होंने नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों को बख्शने से साफ इनकार कर दिया है।यह पूरा मामला जुड़ा है विवादित बिजनेसमैन सौरभ लूथरा (Saurabh Luthra) से। अगर आप न्यूज फॉलो करते हैं, तो आपको याद होगा कि यह वही शख्स है जिस पर अपनी ही मौत की झूठी साजिश रचने और अवैध निर्माण के गंभीर आरोप हैं।आइये, आसान शब्दों में समझते हैं कि सीएम ने क्या आदेश दिया है और ‘ब्लू कॉर्नर नोटिस’ का मतलब क्या है।एक और क्लब पर चलेगा हथौड़ापहले प्रशासन ने लूथरा के एक मशहूर रेस्टोरेंट/क्लब पर कार्रवाई की थी, और अब गाज गिरी है उनके एक और क्लब पर। सीएम प्रमोद सावंत ने सख्त लहजे में अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लूथरा से जुड़े दूसरे क्लब को भी तुरंत गिराया जाए (Demolition)।वजह साफ है—अवैध निर्माण। जांच में पाया गया कि इन क्लबों को बनाने के लिए जरूरी परमिशन नहीं ली गई थी और नियमों को ताक पर रखा गया था। सरकार का संदेश स्पष्ट है कि चाहे आप कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, गोवा की सुंदरता और कानून के साथ खिलवाड़ नहीं चलेगा।ब्लू कॉर्नर नोटिस: अब दुनिया ढूंढेगीइस कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि आरोपी सौरभ लूथरा कानून की पकड़ से दूर है। पुलिस को शक है कि वह विदेश में छिपा हो सकता है। इसी को देखते हुए गोवा पुलिस की सिफारिश पर उसके खिलाफ ‘ब्लू कॉर्नर नोटिस’ (Blue Corner Notice) जारी किया गया है।अब आप सोचेंगे कि ये क्या होता है? तो आसान भाषा में समझिये—यह इंटरपोल (अंतर्राष्ट्रीय पुलिस) का एक नोटिस है। इसका मतलब है कि अब दुनिया भर के देशों की पुलिस लूथरा के बारे में जानकारी जुटाएगी, उसकी लोकेशन पता करेगी और उसकी पहचान करेगी। यानी, अब उसका छिपना बहुत मुश्किल होने वाला है।’फर्जी मौत’ का नाटकलूथरा का केस किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। खबरों के मुताबिक, उसने पुराने मामलों और कर्ज़ से बचने के लिए खुद को मृत घोषित करवाने की कोशिश की थी। लेकिन कहते हैं न कि कानून के हाथ लंबे होते हैं। अब न सिर्फ उसकी पोल खुल चुकी है, बल्कि उसकी अवैध संपत्तियों पर भी बुलडोजर चल रहा है।सरकार की मंशासीएम प्रमोद सावंत ने इस कार्रवाई से यह साबित कर दिया है कि गोवा में ‘कोस्टल रगुलेशन जोन’ (CRZ) का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है जो गोवा को सिर्फ ‘पैसा कमाने की मशीन’ समझते हैं और पर्यावरण की परवाह नहीं करते।तो दोस्तों, अगर आप गोवा जाने का प्लान बना रहे हैं, तो सही और वैध जगहों पर ही जाएं। अवैध निर्माणों पर सरकार का डंडा कभी भी चल सकता है!

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