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चकाचौंध के पीछे का दर्द: गरीबी ने मोनालिसा से कराया था ऐसा काम, जिसे याद कर आज भी छलक पड़ते हैं भोजपुरी क्वीन के आंसू

भोजपुरी सिनेमा से लेकर टीवी जगत (जैसे 'नजर' सीरियल) और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स तक अपनी बोल्डनेस और बेहतरीन अदाकारी का लोहा मनवाने वाली मोनालिसा (Monalisa) को आज कौन नहीं जानता। सोशल मीडिया पर उनकी एक झलक पाने के लिए करोड़ों फैंस बेताब रहते हैं। वे आज जिस मुकाम पर हैं, वहां उनके पास नाम, शोहरत, पैसा और एक आलीशान लाइफस्टाइल है।

लेकिन, ग्लैमर की इस चमकीली दुनिया के पीछे एक ऐसा कड़वा और अंधेरा सच छिपा है, जिससे बहुत कम लोग वाकिफ हैं। मोनालिसा आज भले ही करोड़ों की मालकिन हैं, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब उनके परिवार पर गरीबी का पहाड़ टूटा था और दो वक्त की रोटी के लिए उन्हें वह काम करना पड़ा था, जिसे याद कर वे आज भी कैमरे के सामने रो पड़ती हैं।

जब एक झटके में तबाह हो गया था हंसता-खेलता परिवार

मोनालिसा का असली नाम अंतरा बिस्वास (Antara Biswas) है और उनका जन्म कोलकाता (Kolkata) के एक मध्यमवर्गीय बंगाली परिवार में हुआ था। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक उनके पिता के बिजनेस में एक बहुत बड़ा घाटा (Business Loss) हुआ, जिसने पूरे परिवार को सड़क पर ला खड़ा किया।

आर्थिक तंगहाली इस कदर बढ़ गई कि घर का खर्च चलाना, स्कूल की फीस भरना और यहाँ तक कि रोज का राशन जुटाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया। परिवार की इस दयनीय स्थिति को देखकर महज 15-16 साल की उम्र में अंतरा (मोनालिसा) ने खुद काम करने का फैसला किया ताकि वे अपने माता-पिता का सहारा बन सकें।

मजबूरी का वो पहला काम: सिर्फ ₹1200 की सैलरी

मोनालिसा ने एक इंटरव्यू में अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए रोते हुए बताया था कि जब वे स्कूल में पढ़ती थीं, तभी से उन्होंने काम करना शुरू कर दिया था।

 

1.होटल में बतौर होस्टेस काम:पहला कदम.

कोलकाता के एक स्थानीय होटल में उन्हें गैस्ट रिलेशन एग्जीक्यूटिव (Hostess) की नौकरी मिली। जहाँ उनका काम मेहमानों का स्वागत करना और उन्हें संभालना था।

2.महीने के मिले केवल ₹1200:आर्थिक स्थिति.

उस समय उन्हें पूरे महीने दिन-रात कड़ी मेहनत करने के बदले सिर्फ ₹1,200 रुपये मिलते थे। वह अपनी पहली सैलरी सीधे अपनी मां के हाथों में थमा देती थीं ताकि घर में चूल्हा जल सके।

3.मजबूरी में बदला अपना असली नाम:करियर का यू-टर्न.

जब उन्होंने फिल्मों और मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा, तो एक स्थानीय प्रोड्यूसर की सलाह पर उन्होंने अपना असली नाम 'अंतरा बिस्वास' छोड़कर 'मोनालिसा' रख लिया, क्योंकि स्क्रीन पर उनके बंगाली नाम को ज्यादा तवज्जो नहीं मिल रही थी। पहचान बदलने का यह फैसला भी उनके लिए आसान नहीं था।

 

बी-ग्रेड फिल्मों का दंश और समाज के ताने

करियर के शुरुआती दौर में पेट भरने और परिवार को कर्ज से निकालने के लिए मोनालिसा को कई ऐसी लो-बजट और बी-ग्रेड (B-Grade Movies) फिल्मों में भी काम करना पड़ा, जिन्हें वे आज अपनी जिंदगी का सबसे कठिन फैसला मानती हैं। उन फिल्मों के कारण उन्हें लंबे समय तक समाज के तानों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। लेकिन उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था।

मोनालिसा के शब्द: "लोग सिर्फ आज की सफलता देखते हैं, लेकिन उस समय मेरे पास काम चुनने का कोई ऑप्शन नहीं था। मुझे बस अपने परिवार को उस दलदल से निकालना था। आज जब मैं पीछे मुड़कर उन दिनों को देखती हूँ, तो रूह कांप जाती है।"

₹1200 की नौकरी से लेकर भोजपुरी की सबसे महंगी स्टार बनने तक का सफर

सच्ची प्रेरणा: मोनालिसा की यह कहानी साबित करती है कि अगर आपके भीतर जज्बा हो, तो आप किस्मत की सबसे खराब लकीरों को भी अपनी कड़ी मेहनत से बदल सकते हैं। आज वे न सिर्फ अपने परिवार को एक लग्जरी लाइफ दे रही हैं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं कि कभी भी अपनी परिस्थितियों के आगे घुटने नहीं टेकने चाहिए।

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