डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के लिए दिमाग में आ रही थीं आवाजें

अमरीका की राजधानी वाशिंगटन डीसी स्थित वाइट हाउस के अति-सुरक्षित इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने तीन अत्याधुनिक और घातक हथियारों से लैस एक संदिग्ध व्यक्ति को धर दबोचा। जांच एजेंसियों द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो दावा किया, उसने सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ अमेरिकी खुफिया तंत्र के भी होश उड़ा दिए हैं। गिरफ्तार आरोपी ने अधिकारियों के सामने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि उसके दिमाग में लगातार अजीबोगरीब आवाजें गूंज रही थीं, जो उसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करने के लिए उकसा रही थीं। सीक्रेट सर्विस के मुस्तैद जवानों ने संदिग्ध को राष्ट्रपति आवास से महज कुछ ही दूरी पर रोका और तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया।
चोरी की गाड़ी से पहुंचा था वाइट हाउस, मिले AR-15 और मैक-10 जैसे खतरनाक हथियार
लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, संदिग्ध शख्स की पहचान वेनेजुएला के नागरिक रोनी योर्ड्रिक्स गुआनिपा च्रीनोस (Ronny Yordrix Guanipa Chrinos) के रूप में हुई है। वह वाइट हाउस के बेहद करीब एक संदेहास्पद स्थिति में खड़ी वाहन के भीतर मौजूद था। जब सीक्रेट सर्विस के गश्ती दल को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ और उन्होंने गाड़ी की तलाशी ली, तो अधिकारी हैरान रह गए। गाड़ी चोरी की पाई गई और उसके अंदर से एक AR-15 स्टाइल की सेमी-ऑटोमैटिक राइफल, एक मैक-10 (MAC-10) सबमशीन गन और एक ग्लॉक 43X हैंडगन बरामद हुई। इन खतरनाक हथियारों के साथ-साथ भारी मात्रा में जिंदा कारतूस (अम्युनेशन) भी बरामद किए गए हैं, जिससे साफ होता है कि आरोपी किसी बड़ी और जानलेवा घटना को अंजाम देने की नीयत से वहां पहुंचा था।
अवैध रूप से घुसा था अमेरिका, यूएस मार्शल और सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं गहन पूछताछ
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) और सीक्रेट सर्विस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, आरोपी रोनी च्रीनोस मार्च 2024 में टेक्सास सीमा के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका की सीमा में दाखिल हुआ था। वाइट हाउस के पास से उसकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसे यूएस मार्शल्स सर्विस (U.S. Marshals Service) की कस्टडी में सौंप दिया गया है, जहां विभिन्न सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां उससे सख्ती से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन या किसी लोकल आपराधिक सिंडिकेट के संपर्क में था, या फिर यह पूरी तरह मानसिक अस्थिरता और सिरफिरेपन का मामला है। डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान उनके खिलाफ इस तरह की धमकियों और सुरक्षा में सेंध के प्रयासों को देखते हुए वाइट हाउस के आसपास का सुरक्षा घेरा और अधिक सख्त कर दिया गया है।